Sarangarh Education News : सारंगढ़: निलंबित कर्मचारी से ‘सांठगांठ’ पड़ी भारी; सेजेस प्राचार्य और पूर्व प्रभारी DEO को DPI का कारण बताओ नोटिस

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Sarangarh Education News : सारंगढ़ (नीलमणि पाल)। छत्तीसगढ़ के लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और वर्तमान में सेजेस (SEGES) सारंगढ़ के प्राचार्य एल.पी. पटेल के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है। डीपीआई ने प्राचार्य पटेल को कारण बताओ नोटिस (Showcause Notice) जारी कर गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं पर जवाब तलब किया है।निलंबित टीचर के साथ प्रिंसिपल का सांठगांठ, शोकॉज नोटिस जारी

संयुक्त संचालक के आदेशों की ‘अनदेखी’ का आरोप

जारी नोटिस में सबसे गंभीर आरोप वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशों की अवहेलना का है। मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, टुण्ड्री के सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी सुनील कर्ष के निलंबन से जुड़ा है।

  • घटनाक्रम: संयुक्त संचालक (JD) शिक्षा संभाग बिलासपुर ने सुनील कर्ष को निलंबित कर आरोप पत्र जारी किया था।

  • अनियमितता: आरोप है कि तत्कालीन प्रभारी डीईओ एल.पी. पटेल ने जेडी की अनुमति के बिना ही निलंबित कर्मचारी कर्ष को पुरानी शाला में कार्यभार ग्रहण करने की अनुमति दे दी। यह कदम सीधे तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का उल्लंघन और पद का दुरुपयोग माना जा रहा है।

7 दिनों की मोहलत, वरना होगी एकतरफा कार्रवाई

लोक शिक्षण संचालनालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य पटेल को अपना पक्ष रखने के लिए 7 दिनों का समय दिया है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो इसे स्वीकारोक्ति मानकर उनके विरुद्ध एकतरफा कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

प्रभारी डीईओ के पद पर रहते हुए बरती गई इन अनियमितताओं के उजागर होने से जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। सूत्रों का कहना है कि डीपीआई ने नोटिस में सिलसिलेवार ढंग से अन्य कई आरोपों का भी जिक्र किया है, जो प्रशासनिक शिथिलता और नियमों की अनदेखी को दर्शाते हैं। अब सबकी नजरें प्राचार्य पटेल के जवाब और विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।

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