Anju Pandey Ashru Nepal Award : रोहित वर्मा/खरोरा/रायपुर (23 फरवरी 2026): अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के खरोरा क्षेत्र का नाम वैश्विक पटल पर रौशन हुआ है। क्षेत्र की सुप्रसिद्ध कवयित्री, शिक्षिका और समाजसेवी पं. अंजू पाण्डेय ‘अश्रु’ को नेपाल की प्रतिष्ठित संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन द्वारा ‘मातृभाषा रत्न’ मानद उपाधि सम्मान से विभूषित किया गया है।
नेपाल-भारत मैत्री और भाषा संवर्धन के लिए सम्मान काठमांडू (नेपाल) में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल मैत्री विकास, देवनागरी लिपि का संरक्षण और हिंदी व नेपाली भाषा का वैश्विक प्रचार-प्रसार करना था। इस अवसर पर भारत और नेपाल सहित 5 देशों की चुनिंदा प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया, जिनमें खरोरा की पं. अंजू पाण्डेय को उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक सेवाओं के लिए चुना गया।
बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं ‘अश्रु’ पं. अंजू पाण्डेय ‘अश्रु’ एक कुशल लेखिका और कवयित्री के रूप में पहचानी जाती हैं। उनकी कविताएं न केवल ज्वलंत सामाजिक विषयों पर प्रहार करती हैं, बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश भी देती हैं। वर्तमान में वे मातृभाषा अवधी के संवर्धन और रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर काव्य लेखन कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय काव्य लेखन चैलेंज जीतने के साथ ही उनकी कई एकल और साझा कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं।
संस्था के अध्यक्ष ने दी बधाई शब्द प्रतिभा फाउंडेशन के अध्यक्ष आनन्द गिरि मायालु ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि पं. अंजू पाण्डेय जैसी प्रतिभाओं का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना गौरव का विषय है। ऐसी रचनाकारों को राज्य स्तर पर भी विशेष प्रोत्साहन मिलने की आवश्यकता है।
परिजनों और मित्रों में हर्ष की लहर अंतरराष्ट्रीय सम्मान की खबर मिलते ही खरोरा क्षेत्र के साहित्यकारों, मित्रों और परिजनों में खुशी का माहौल है। पं. अंजू की इस उपलब्धि को साहित्य जगत के लिए एक बड़ी प्रेरणा माना जा रहा है।











