Rewa Collector Pratibha Pal Inspection : रीवा : रीवा जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने गुरुवार दोपहर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के अचानक पहुँचते ही कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान स्थापना शाखा सहित रमसा (RMSA), कोर्ट सेक्शन, अनुदान और लेखा जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं के अभिलेखों की सूक्ष्मता से पड़ताल की गई।
फर्जी उपस्थिति और अटैचमेंट का खेल
निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि कार्यालय में बड़ी संख्या में शिक्षक ‘अटैच’ (संलग्न) हैं। कलेक्टर ने पाया कि इनमें से अधिकांश शिक्षकों के नाम न तो उपस्थिति पंजी में दर्ज हैं और न ही वे हस्ताक्षर करते हैं। माना जा रहा है कि कलेक्टर के इस कदम के बाद कार्यालय में जमे इन शिक्षकों और उन्हें संरक्षण देने वाले शाखा प्रभारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होना तय है।
फाइलें दबाकर बैठे बाबुओं पर नाराजगी
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान पाया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के क्लेम और अन्य महत्वपूर्ण फाइलों के निराकरण में जानबूझकर देरी की जा रही थी। उन्होंने मौके से उपस्थिति रजिस्टर और क्लेम रजिस्टर सहित कई महत्वपूर्ण फाइलें जब्त की हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि फाइलों को लटकाने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मेंटेनेंस घोटाले में कार्रवाई शुरू
हाल ही में स्कूलों में पुताई और मेंटेनेंस के नाम पर हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि जॉइंट डायरेक्टर (JD) कार्यालय से जांच पूरी हो चुकी है। जांच में दोषी पाए गए जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं और कमिश्नर कार्यालय के माध्यम से उन पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
प्रतिभा पाल, जिला कलेक्टर, रीवा
“डीईओ कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया गया है। फाइलों के पेंडेंसी और अटैचमेंट को लेकर कुछ गंभीर शिकायतें थीं। स्थापना शाखा के कुछ रजिस्टर और दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। उपस्थिति में अनियमितता और काम में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मेंटेनेंस भ्रष्टाचार मामले में भी दोषियों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए जा चुके हैं।”













