Friday, August 21, 2026
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Yogi Adityanath vs Akhilesh Yadav : माघ मेला विवाद से विधानसभा तक पहुंची जंग: अविमुक्तेश्वरानंद के मुद्दे पर आमने-सामने आए योगी और अखिलेश

Yogi Adityanath vs Akhilesh Yadav : लखनऊ (14 फरवरी 2026): प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच शुरू हुआ विवाद अब उत्तर प्रदेश विधानसभा की दहलीज लांघकर तीखी बयानबाजी में तब्दील हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सदन में अविमुक्तेश्वरानंद के पद और नाम के उपयोग पर उठाए गए सवालों के बाद, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन पर हमला बोलते हुए इसे ‘अहंकार’ की पराकाष्ठा करार दिया है।

शंकराचार्य का अपमान ‘शाब्दिक हिंसा’: अखिलेश

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के बयान को घोर अपमानजनक बताते हुए कहा कि परम पूज्य शंकराचार्य के बारे में अपशब्द बोलना शाब्दिक हिंसा और पाप है। उन्होंने उन विधायकों पर भी निशाना साधा जिन्होंने मुख्यमंत्री के बयान के दौरान सदन में मेजें थपथपाईं। अखिलेश ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब ये विधायक सदन के बाहर निकलेंगे, तो जनता सड़क पर ही इनका ‘सदन’ लगा देगी।

नैतिक अधिकार पर सवाल

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पर निजी हमले करते हुए कहा, “जो व्यक्ति अपने ऊपर लगे मुकदमे खुद हटवाता है, उसे किसी दूसरे के ‘धर्म-पद’ पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।” उन्होंने महाकुंभ के आंकड़ों और मुआवजे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार सच छिपाने और नफरत की राजनीति करने में व्यस्त है।

कानून और विधि के शासन पर कटाक्ष

अपने चिर-परिचित अंदाज में कटाक्ष करते हुए अखिलेश ने सीएम योगी द्वारा सदन में ‘कानून का शासन’ शब्द इस्तेमाल करने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जैसे ही उनका ध्यान इस पर जाएगा, क्या वे इसे ‘विधि का शासन’ करने के लिए दोबारा सदन बुलाएंगे या इसके लिए ‘लड़खड़ाता प्रायश्चित’ करेंगे? उन्होंने कहा कि जब इंसान नहीं बल्कि उसका अहंकार बोलता है, तब ऐसी ही अभद्र भाषा का प्रयोग होता है।

चुनाव में जवाब देगी जनता

अखिलेश यादव ने आगामी चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जनता एक-एक वोट इनके खिलाफ डालकर इस अपमान का बदला लेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई सरकार आएगी और फिर सभी मिल-जुलकर ‘दाल-बाटी’ खाएंगे। उन्होंने साफ किया कि मुख्यमंत्री द्वारा शंकराचार्य के विरुद्ध दिया गया बयान सदन के इतिहास में एक निंदनीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।

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