नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रधानमंत्री कार्यालय की नई अत्याधुनिक इमारत ‘सेवा तीर्थ’ तथा ‘कर्तव्य भवन-1’ और ‘कर्तव्य भवन-2’ का लोकार्पण किया। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत तैयार इन भवनों में अब प्रधानमंत्री कार्यालय और कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के दफ्तर संचालित होंगे। कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री शाम को ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में आयोजित जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
1,189 करोड़ रुपये की लागत से विकसित आधुनिक परिसर
नया ‘सेवा तीर्थ’ परिसर करीब 1,189 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है और लगभग 2.26 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है। इसका निर्माण प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने किया है। इस परिसर में तीन मुख्य इमारतें बनाई गई हैं—
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सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय का मुख्य मुख्यालय
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सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय का संचालन केंद्र
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सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का नया कार्यालय
प्रशासनिक समन्वय और आधुनिक सुविधाओं पर जोर
विजय चौक के पास स्थित यह परिसर आधुनिक तकनीक और सुरक्षा व्यवस्थाओं से लैस है। यहां विशेष कैबिनेट हॉल भी बनाया गया है, जिससे महत्वपूर्ण बैठकों का संचालन अधिक सुविधाजनक होगा। नए प्रधानमंत्री आवास का निर्माण भी इसी क्षेत्र के पास किया जा रहा है, ताकि शीर्ष स्तर की प्रशासनिक गतिविधियां एक ही परिसर में संचालित हो सकें।
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ट्रैफिक दबाव कम करने की योजना
प्रधानमंत्री के आवागमन के दौरान अक्सर राजधानी में ट्रैफिक प्रभावित होता रहा है। नए परिसर का एक प्रमुख उद्देश्य आवागमन को सुगम बनाना और आम लोगों को होने वाली असुविधा को कम करना है। इससे सुरक्षा और यातायात प्रबंधन दोनों बेहतर होने की उम्मीद है।
नॉर्थ और साउथ ब्लॉक बनेंगे सार्वजनिक संग्रहालय
प्रधानमंत्री कार्यालय के स्थानांतरण के बाद ऐतिहासिक नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को संरक्षित रखते हुए उन्हें ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ में परिवर्तित करने की योजना है। इससे आम नागरिकों को भारत के प्रशासनिक और सांस्कृतिक इतिहास को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।













