Monday, August 17, 2026
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नीमच में ममता की मिसाल! 20 बच्चों को बचाते हुए कंचन बाई ने दी जान, ‘मां’ को नम आंखों से विदाई

नीमच : मध्य प्रदेश के नीमच जिले के रानपुर गांव से मानवता और साहस की ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। मडावदा पंचायत के आंगनवाड़ी केंद्र पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस दौरान वहां मौजूद कंचन बाई मेघवाल ने अपनी जान की परवाह किए बिना मासूम बच्चों को बचाने का फैसला किया और आखिरकार उनकी जान चली गई।

 तिरपाल और दरी से बचाईं 20 मासूम जानें

घटना सोमवार की बताई जा रही है। जैसे ही मधुमक्खियों ने खेल रहे बच्चों पर हमला किया, कंचन बाई तुरंत उनकी ओर दौड़ीं। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बच्चों को तिरपाल और दरी से ढककर एक-एक कर सुरक्षित कमरों में पहुंचाया।
करीब 20 बच्चों की जान बचाने के इस साहसी प्रयास में हजारों मधुमक्खियों ने उन्हें बुरी तरह डंक मार दिए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं।

स्थानीय लोगों ने बचाने की कोशिश की और डायल-112 की टीम उन्हें तुरंत सरवानिया स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

कंचन बाई आंगनवाड़ी में मध्यान भोजन बनाती थीं और जय माता दी स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष भी थीं। उनके निधन से परिवार गहरे संकट में आ गया है।उनके पति शिवलाल पहले से ही पैरालिसिस से पीड़ित हैं, वहीं एक बेटे और दो बेटियों के सिर से मां का साया उठ गया है।

गांव में दहशत, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

घटना के बाद पूरे रानपुर गांव में शोक और डर का माहौल है। आंगनवाड़ी के पास लगे पेड़ पर मधुमक्खियों के छत्ते होने से ग्रामीण वहां जाने से भी डर रहे हैं, जबकि पास का हैंडपंप ही पानी का मुख्य स्रोत है।ग्रामीण अब प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर क्षेत्र को सुरक्षित बनाने की मांग कर रहे हैं।कंचन बाई की बहादुरी ने एक बार फिर साबित किया कि ममता और मानवता सबसे बड़ी ताकत होती है

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