भोपाल: एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने कैंसर के इलाज को लेकर एक अहम खोज की है। शोध में पता चला कि कैंसर की गांठ में आक्सीजन की कमी ही उसे खतरनाक बनाती है और दवाओं के असर को कम कर देती है। इस खोज से अब कैंसर के इलाज की नई राह खुलने की संभावना बढ़ गई है।
आक्सीजन की कमी = कैंसर कोशिकाओं की सुरक्षा
एम्स भोपाल के शोधकर्ताओं के अनुसार, कैंसर ट्यूमर में आक्सीजन की कमी इसे दवाओं और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता से बचाती है। यह कमी ट्यूमर कोशिकाओं के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करती है, जिसके कारण इलाज के दौरान दवाओं का असर नहीं होता।
एआई तकनीक से सटीक निशाना
डॉक्टरों ने यह भी बताया कि अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक की मदद से ट्यूमर के उन हिस्सों पर सीधे हमला किया जा सकेगा, जहां आक्सीजन की कमी है। इससे दवाओं और उपचार का असर बढ़ाने में मदद मिलेगी और इलाज अधिक सटीक और प्रभावी होगा।
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नई दवाओं और तकनीकों की संभावना
एम्स भोपाल के शोध से यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में कैंसर के लाइलाज रूपों का इलाज संभव हो सकता है। वैज्ञानिक अब ऐसे तरीके विकसित कर रहे हैं, जिससे ट्यूमर की आक्सीजन कमी को नियंत्रित किया जा सके और दवाओं का अधिकतम लाभ लिया जा सके।
कैंसर इलाज में वैज्ञानिक क्रांति
इस खोज को मेडिकल कम्युनिटी में बड़े पैमाने पर सराहा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कैंसर उपचार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जो रोगियों के जीवन में नई उम्मीदें ला सकता है।











