नई दिल्ली: बॉलीवुड में वर्किंग ऑवर्स को लेकर बहस तेज हो गई है। हाल ही में दीपिका पादुकोण द्वारा आठ घंटे की शिफ्ट की मांग के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आया था। अब इस बहस में अभिनेत्री राधिका आप्टे ने भी अपनी राय साझा की है। उन्होंने कहा कि लंबे और थकाऊ शूटिंग घंटे उन्हें परेशान करते हैं और इसी वजह से उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स को ठुकराया है।
इंडस्ट्री में लंबी शिफ्ट का दबाव
एक इंटरव्यू में राधिका ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में यह मान लिया जाता है कि कलाकार 14-16 घंटे तक लगातार काम करेंगे। उनका कहना है कि यह न केवल हेल्दी नहीं है बल्कि पेरेंट्स के लिए यह सिस्टम बेहद चुनौतीपूर्ण है। राधिका ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कई बार इस मुद्दे पर बातचीत और बहस की, लेकिन अभी भी लंबी शिफ्ट को सामान्य मान लिया जाता है।
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पेरेंट्स और वर्क-लाइफ बैलेंस
राधिका ने कहा कि पेरेंट्स के लिए यह सिस्टम अन्यायपूर्ण और कठिन है। कई लोग सुझाव देते हैं कि बच्चे की देखभाल के लिए नैनी रख लें या बच्चे को सेट पर लाएँ, लेकिन यह स्थायी या व्यावहारिक समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए सबसे जरूरी बदलाव काम के घंटे कम करना और हफ्ते में नियमित दिन की छुट्टी सुनिश्चित करना है।
12 घंटे से अधिक की शिफ्ट नहीं, यह उनकी शर्त
राधिका ने कहा कि वह स्क्रिप्ट साइन करते समय 12 घंटे से अधिक की शिफ्ट को नॉन-नेगोशिएबल मानती हैं। इसमें ट्रैवल, मेकअप, हेयर और शूटिंग शामिल हैं। अगर ट्रैवल में ज्यादा समय लगता है तो उसी हिसाब से शूटिंग शेड्यूल तय किया जाना चाहिए। साथ ही, वह हफ्ते में केवल पाँच दिन काम करना पसंद करती हैं और नियमित वीकली ऑफ पर जोर देती हैं।
स्वास्थ्य और परिवार को प्राथमिकता
राधिका ने माना कि इन शर्तों के कारण कई बार उन्हें काम से हाथ धोना पड़ा है। लेकिन उनका मानना है कि सेहत, मानसिक संतुलन और परिवार को समझौता करने से बचना चाहिए। उनका यह बयान न सिर्फ कलाकारों बल्कि पूरी इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।











