Wednesday, September 9, 2026
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Somnath Swabhiman Parv Bilaspur : “अमिट है हमारी संस्कृति” : जेल रोड शिव मंदिर में विधायक अमर अग्रवाल ने की राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना

Somnath Swabhiman Parv Bilaspur : गौरी शंकर गुप्ता/बिलासपुर। सनातन संस्कृति के गौरव और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक सोमनाथ महादेव मंदिर पर हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को बिलासपुर में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नगर विधायक अमर अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत शहर के विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक और विशेष पूजन-अर्चन किया गया।

विधायक अमर अग्रवाल ने जेल रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन किया। इस दौरान उन्होंने जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास की कामना की। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक ज्योतिर्लिंग नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता की अडिग आत्मा का प्रतीक है। बीते एक हजार वर्षों में इस पावन धाम पर कई बार विदेशी आक्रांताओं ने प्रहार किए, लेकिन हर बार यह मंदिर और अधिक भव्यता के साथ उठ खड़ा हुआ।

अमर अग्रवाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज पूरा देश अपनी सांस्कृतिक चेतना को पुनर्जागृत कर रहा है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व इसी राष्ट्रवादी अभियान का हिस्सा है, जो नई पीढ़ी को हमारे गौरवशाली इतिहास और संघर्ष से परिचित कराता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इतिहास गवाह है कि जिन्होंने भी सनातन को मिटाने की कोशिश की, वे खुद मिट गए, जबकि हमारी संस्कृति आज विश्व पटल पर और अधिक मजबूती के साथ स्थापित है।

पर्व के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। पार्टी के निर्देशानुसार कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने शक्ति केंद्रों और बूथ स्तर पर स्थित शिव मंदिरों में जाकर सामूहिक जलाभिषेक किया। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प भी लिया। पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा।

इस गरिमामय कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह भोगल, मंडल अध्यक्ष शैलेन्द्र यादव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, मातृशक्ति और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से समाज को अपनी जड़ों से जुड़ने और राष्ट्रीय अस्मिता के प्रति गर्व महसूस करने का संदेश दिया गया।

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