Tuesday, August 18, 2026
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Operation Sindoor के बाद पाकिस्तान का नया आतंकी आका, कारी याकूब शेख! आतंक का नया चेहरा

quari yakub sheikh
कारी याकूब

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की आतंकवादी रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे पुराने और कुख्यात आतंकी बीते सात महीनों से अंडरग्राउंड हैं, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान ने आतंक का नया चेहरा सामने लाने की तैयारी कर ली है। इस नए आतंकी आका का नाम कारी मोहम्मद याकूब शेख बताया जा रहा है, जो पहले लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा रहा है और अब उसने अपनी नई आतंकी संगठन की नींव रख दी है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदली पाकिस्तान की रणनीति

भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में बड़े आतंकी नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा। इस कार्रवाई में मसूद अजहर के परिवार के 14 सदस्यों के मारे जाने और हाफिज सईद के ठिकाने के ध्वस्त होने की खबरें सामने आईं। इसके बाद से ही दोनों आतंकी पाकिस्तानी सेना की निगरानी में अंडरग्राउंड बताए जा रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान ने आतंक का “नया मोहरा” आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

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कौन है कारी मोहम्मद याकूब शेख

कारी मोहम्मद याकूब शेख का जन्म साल 1972 में पाकिस्तान के बहावलपुर में हुआ था। मदरसे से शुरुआती शिक्षा लेने के बाद वह कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचारक बन गया। स्थानीय स्तर पर उसकी धार्मिक तकरीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती रही हैं। कारी पहले लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम कर चुका है और उस पर अमेरिका ने साल 2012 में इनाम भी घोषित किया था।

नई आतंकी संगठन की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, कारी याकूब ने लश्कर से मिली ट्रेनिंग के दम पर अब अपनी अलग आतंकी ऑर्गेनाइजेशन बना ली है। कहा जा रहा है कि इस संगठन को पाकिस्तानी सेना के कुछ धड़ों का समर्थन भी हासिल है। यह संगठन खासतौर पर टीटीपी और बीएलए जैसे संगठनों से निपटने के नाम पर तैयार किया गया है, लेकिन असल में यह आतंक का ही नया चेहरा माना जा रहा है।

राजनीति और फतवों से बढ़ी नजदीकियां

कारी याकूब का नाम 2017 में उस वक्त चर्चा में आया था, जब उसने दिफा-ए-पाकिस्तान काउंसिल के सिंबल पर चुनाव भी लड़ा, हालांकि उसे सफलता नहीं मिली। 2025 की शुरुआत में अफगानिस्तान-पाकिस्तान तनाव के दौरान उसने तालिबान शासन के खिलाफ फतवा जारी किया, जिसके बाद उसकी पाक सेना से नजदीकियां और बढ़ गईं।

पुराने आतंकियों की जगह नया चेहरा

विशेषज्ञों का मानना है कि हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे पुराने आतंकी फिलहाल पाकिस्तान के लिए उपयोगी नहीं रह गए हैं। इसी वजह से कारी मोहम्मद याकूब शेख को आगे लाकर आतंक के नए नेटवर्क को खड़ा किया जा रहा है।

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