The terror of feudalism : मजदूर दिल्ली गया तो दबंग ने हड़पा इंदिरा आवास योजना का घर, न्याय के लिए कलेक्ट्रेट के बाहर धरना

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The terror of feudalism : टीकमगढ़, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के पिछड़े माने जाने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र में आज भी ग्रामीण इलाकों में सामंतशाही और दबंगों का आतंक देखने को मिल रहा है। टीकमगढ़ जिले के नजदीकी गांव लार से ऐसा ही एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक गरीब बुजुर्ग मजदूर के मकान पर गांव के ही एक दबंग ने उस वक्त अवैध कब्जा कर लिया, जब वह परिवार के पालन-पोषण के लिए दिल्ली मजदूरी करने गया था।

दरअसल, यह पूरा मामला जिला मुख्यालय से सटे गांव लार का है। पीड़ित बुजुर्ग राजू रजक को इंदिरा आवास योजना के तहत यह मकान मिला था। आरोप है कि गांव के दबंग नारायण दास खंगार ने राजू रजक की गैर-मौजूदगी का फायदा उठाया और न केवल मकान पर कब्जा कर लिया, बल्कि घर में रखा सारा सामान भी गायब कर दिया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दबंग ने कथित तौर पर गांव के सरपंच और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से इस आवास का आवंटन भी अपने नाम करा लिया। गरीबी और दबंगई से त्रस्त बुजुर्ग राजू रजक अब अपनी पत्नी के साथ इस भीषण ठंड में दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है और बेघर हो गया है।

न्याय की तलाश में पीड़ित बुजुर्ग ने प्रशासन के समक्ष तहसीलदार से लेकर जिले के कलेक्टर तक लिखित और मौखिक रूप से कई बार शिकायतें कीं, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रशासनिक उदासीनता से थक हार कर, राजू रजक ने आखिरकार अपनी पत्नी सहित कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने का फैसला किया।

बुजुर्ग दंपति के धरने पर बैठने के बाद जाकर प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम टीकमगढ़ संस्कृति लिटोरिया ने तत्काल पूरे मामले को संज्ञान में लिया। एसडीएम ने पीड़ित को जांच का आश्वासन देते हुए कहा है कि नियमानुसार जांच कर पीड़ित को उसका मकान वापस दिलाया जाएगा। पीड़ित बुजुर्ग राजू रजक (बाइट-1) ने प्रशासन से जल्द से जल्द न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले में एसडीएम संस्कृति लिटोरिया (बाइट-2) ने जांच के उपरांत मकान वापस दिलाने की बात कही है।

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