C.G News : धान खरीदी में ‘साय सरकार’ की विफलता, किसानों में नाराज़गी और विरोध प्रदर्शन, इंतजामों पर उठे सवाल…

Rahul Goshwami
सरकार की नीतियों पर सवाल

रायपुर: CM विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय के मंत्रिपरिषद कक्ष में आज कैबिनेट की बैठक हुई है। बैठक में आगामी विधानसभा सत्र, धान खरीदी, प्रशासनिक फैसले और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार वित्त, अवसंरचना, कृषि, उद्योग और ऊर्जा जैसे प्रमुख विभागों के एजेंडा पेश किए जाएंगे।

सरकारी निर्देशों के बावजूद खरीदी में गड़बड़ी
मुख्यमंत्री ने पहले भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि धान खरीदी केंद्रों पर पहुंचे हर किसान का धान खरीदा जाए और भुगतान समय पर सीधे बैंक खातों में पहुंचे। लेकिन राजनांदगांव और बलरामपुर में किसानों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। कई केंद्रों में फटे बारदाने, अव्यवस्थित प्रक्रिया और तुलाई में समस्याओं के कारण किसानों में नाराज़गी गहरी है।

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सरकार की विफलता और किसानों का विरोध
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर केंद्रों में पर्याप्त और नए बारदाने, कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित करने और तुलाई मशीनों की निगरानी की मांग की। यदि सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। बलरामपुर-रामानुजगंज में नया धान खरीदी केंद्र सुविधाजनक बताया गया, लेकिन किसानों का कहना है कि नया स्थान पुराने केंद्र से दूर और जंगली क्षेत्र में है, जिससे सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित हो रही हैं।

चक्का जाम से बढ़ा दबाव
नाराज़गी के चलते रामचंद्रपुर–रामानुजगंज–सनावल मार्ग पर सैकड़ों किसानों ने विरोध प्रदर्शन कर चक्का जाम किया। प्रशासन ने समझाइश दी, लेकिन किसानों का कहना है कि अगर पुराने स्थान पर खरीदी शुरू नहीं हुई तो वे पुनः आंदोलन करेंगे।

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क्यों सरकार हो रही फेल ?
विश्लेषकों का कहना है कि सरकार के निर्देश केवल कागज पर ही प्रभावी हैं। खरीदी केंद्रों में उपकरणों और कर्मचारियों की कमी, गलत योजना और किसानों की सुरक्षा की अनदेखी ने प्रशासनिक विफलता उजागर की है। राज्य सरकार ने लाभकारी योजनाओं की घोषणा तो की है, लेकिन जमीन पर क्रियान्वयन में लगातार कमी और योजनाओं के ठोस मॉनिटरिंग की कमी से किसान परेशान हैं।

धान खरीदी में लगातार समस्याएं और किसानों की नाराज़गी सरकार की जिम्मेदारियों को चुनौती दे रही हैं। आगामी कैबिनेट बैठक में यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो विरोध प्रदर्शन और बढ़ सकते हैं।

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