नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने बाबरी मस्जिद निर्माण का ऐलान कर राज्य की राजनीति में आग लगा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने की घोषणा की और दावा किया कि “जो भी रोकने की कोशिश करेगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।”
कबीर का ऐलान—6 दिसंबर को रखेंगे बाबरी मस्जिद की नींव
भरतपुर से टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने घोषणा की कि वह बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण की शुरुआत मुर्शिदाबाद से करेंगे। उनका कहना है कि यह निर्णय समुदाय की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह प्रयास रोकने वालों को “सख्त सजा” का सामना करना पड़ेगा।
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‘हम 37% हैं, जल्द हो जाएंगे 40% ’
अपने भाषण में विधायक कबीर ने बंगाल की मुस्लिम जनसंख्या का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में मुस्लिम आबादी 37% है और “बाबरी मस्जिद बनने तक यह आंकड़ा 40% तक पहुंच जाएगा।” मुर्शिदाबाद में मुस्लिम जनसंख्या लगभग 70% होने का उन्होंने विशेष उल्लेख किया।
विवादित बयान—‘100 शहीद हुए तो 500 को शहीद कर देंगे’
कबीर ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा,“अगर हमारे 100 लोग शहीद हुए तो उनके 500 शहीद करेंगे।”उनका यह बयान तेजी से वायरल हुआ और राजनीतिक तापमान बढ़ गया।
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उमा भारती पर पलटवार—‘ये अयोध्या नहीं, मुर्शिदाबाद है’
कबीर ने अपने भाषण में बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती के पुराने बयान का भी जिक्र किया जिसमें उमा भारती ने कहा था कि अगर बाबरी मस्जिद बनाई गई तो वह “ईंट-ईंट उखाड़ देंगी।” इस पर कबीर ने जवाब दिया—“ये अयोध्या नहीं है, मुर्शिदाबाद है।”
बीजेपी का तीखा हमला—‘कबीर की रगों में बाबर का खून’
टीएमसी विधायक के बयान पर बंगाल बीजेपी ने जमकर हमला बोला है। बीजेपी नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि “कबीर की नसों में बाबर का खून दौड़ रहा है।”वहीं बीजेपी सांसद रूपा गांगुली ने इसे तुष्टीकरण का खतरनाक उदाहरण बताया।
जमीन विवाद से मामला और उलझा
इस विवाद के बीच एक और बड़ा मोड़ आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस भूमि पर मस्जिद निर्माण की बात कही जा रही है, उस जमीन के मालिक किसान ने इसे देने से साफ इनकार कर दिया है। इससे सियासी टकराव और गहरा गया है।











