Virendra Tomar Peshi : रायपुर। राजधानी में सूदखोरी और अवैध वसूली के सबसे हाई-प्रोफाइल मामलों में से एक में पुलिस आज बड़ा कदम उठाने जा रही है। ग्वालियर से पांच महीने की फरारी के बाद पकड़े गए हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर की रिमांड अवधि खत्म हो चुकी है। शुक्रवार को पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की मांग करेगी।
Virendra Tomar Peshi : सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान पुलिस ने आर्म्स एक्ट और सूदखोरी—दोनों मामलों में उससे लंबी पूछताछ की। घर के लॉकर में मिले हथियार पर तोमर ने खुद को बचाने की कोशिश करते हुए कहा कि वह उसके सुरक्षा गार्ड का था। वहीं फरारी के दौरान क्षत्रिय करणी सेना से जुड़े कुछ लोगों द्वारा मदद किए जाने की बात भी उसने कबूल की है। पुलिस अब हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
पीड़ित अब भी दहशत में—इसलिए पुलिस ने नहीं कराया आमना-सामना
पूछताछ के दौरान पुलिस ने पीड़ितों को आरोपी के सामने नहीं लाया। कारण—पीड़ित आज भी भय के माहौल में हैं और तोमर गिरोह की धमकियों से डरे हुए हैं। इसके बजाय पुलिस ने जब्त दस्तावेज—एग्रीमेंट, चेक, जमीन-सम्पत्ति से जुड़े कागजात—एक-एक कर आरोपी के सामने रखकर पूछताछ की।
पुलिस का दावा है कि फरारी के दौरान भी वीरेंद्र और रोहित तोमर पीड़ितों को डराते-धमकाते रहे। रोहित तोमर के खिलाफ चार मामले दर्ज हैं और वह अभी भी फरार है।
करणी सेना की चेतावनी—“पुलिस के घर में घुसकर आंदोलन करेंगे”
इस केस को लेकर नया विवाद तब हुआ जब क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत का एक वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में उन्होंने रायपुर पुलिस द्वारा वीरेंद्र तोमर का जुलूस निकालने को “गलत कार्रवाई” बताते हुए तीखी आपत्ति जताई है।













