MP Singrauli News : NCL और रिलायंस का कोयला-युक्त काला पानी काचन नदी में, 30 गांवों में स्वास्थ्य संकट, छठ पूजा पर मंडराया खतरा….

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MP Singrauli News : सिंगरौली, मध्य प्रदेश: देश की ऊर्जा नगरी कहलाने वाला सिंगरौली जिला एक बार फिर गंभीर औद्योगिक प्रदूषण की चपेट में है। जिले की जीवनदायिनी काचन नदी इन दिनों कोयला-मिश्रित अपशिष्ट जल के कारण ‘काला संकट’ बन चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) की गोरबी ब्लॉक-बी खदान और रिलायंस अमलोरी परियोजना से निकलने वाला प्रदूषित जल बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है, जिसने नदी को काला कर दिया है।

MP Singrauli News : 30 गांवों की सेहत पर सीधा संकट

स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी का पानी इतना काला हो चुका है कि इससे तेज दुर्गंध आ रही है। इस दूषित पानी के कारण मछलियाँ और अन्य जलीय जीव मर रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि आस-पास के लगभग 30 गांवों के लोग इसी प्रदूषित जल का उपयोग पीने, नहाने और खेती के लिए करते हैं, जिससे उनकी सेहत पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

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एक स्थानीय युवक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्थिति की गंभीरता को उजागर किया है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि एक स्टॉप डैम से कुछ ही दूरी पर कोयला मिश्रित काला पानी नदी में लगातार बह रहा है।

छठ पूजा की आस्था पर ग्रहण

आगामी छठ पूजा पर्व को लेकर यह प्रदूषण बड़ा संकट बन गया है। हजारों श्रद्धालु इसी काचन नदी में स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देते हैं। लेकिन अत्यधिक दूषित जल के कारण त्वचा रोग और संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ गया है। नगर निगम सिंगरौली के पार्षद रामगोपाल पाल ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “हमने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन काला पानी लगातार नदी में बह रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।”

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पर्यावरण जानकारों का कहना है कि कोयला खदानों से निकलने वाले इस पानी में भारी धातुएं (जैसे लोहा, सीसा, पारा और आर्सेनिक) हो सकती हैं, जो न केवल नदी को, बल्कि मिट्टी और भूजल को भी जहरीला बना रही हैं। प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

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