Saturday, August 15, 2026
Home Top News Gujarat Cabinet Expansion : 25 मंत्रियों के नाम फाइनल, ‘मिशन 2027’ के...

Gujarat Cabinet Expansion : 25 मंत्रियों के नाम फाइनल, ‘मिशन 2027’ के लिए जातीय संतुलन पर निशाना….

0
114
Gujarat Cabinet Expansion
Gujarat Cabinet Expansion

Gujarat Cabinet Expansion : गांधीनगर। गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल आज (17 अक्टूबर 2025) अपनी मंत्रिपरिषद का बड़ा विस्तार करेंगे। मुख्यमंत्री को छोड़कर पिछली कैबिनेट के सभी मंत्रियों के इस्तीफे के बाद, नई टीम के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया गांधीनगर के महात्मा मंदिर में सुबह 11:30 बजे शुरू हो चुकी है। इस समारोह में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हैं।

READ MORE : Jabalpur News : विजयनगर चौपाटी पर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, अतिक्रमण हटाने को लेकर चक्का जाम…

Gujarat Cabinet Expansion : नए मंत्रिमंडल में जातीय-क्षेत्रीय समीकरण

बीजेपी का यह बड़ा राजनीतिक फेरबदल 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का हिस्सा है। पार्टी नेतृत्व ने कैबिनेट और राज्य मंत्रियों के चयन में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा है ताकि सभी वर्गों की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो सके।

संभावित मंत्रियों की सूची और पुराने चेहरे:

रिपोर्ट्स के अनुसार, नई मंत्रिपरिषद में लगभग 25 मंत्री शपथ ले सकते हैं।

READ MORE : RITES Recruitment 2025 : सीनियर टेक्निकल असिस्टेंट की 600 वैकेंसी, आवेदन और एग्जाम पैटर्न की पूरी डिटेल यहां

  • संभावित नए चेहरे: मंत्रिमंडल में क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी रीवाबा जडेजा और कांग्रेस छोड़कर आए अनुभवी नेता अर्जुन मोढवाडिया को जगह मिल सकती है।
  • पुराने चेहरों की वापसी: छह पुराने और विश्वसनीय मंत्रियों को फिर से मौका दिया गया है। इनमें ऋषिकेश पटेल, कनुभाई देसाई, कुंवरजी बावलीया, प्रफुल पानसेरीया, परसोत्तंभाई ओधवजीभाई सोलंकी और हर्ष संघवी शामिल हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार पर सियासी प्रतिक्रिया:

  • वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र पटेल ने आजतक से बात करते हुए इसे राज्य की राजनीति का “रिफ्रेश सिस्टम” बताया। उन्होंने कहा कि दो साल बाद होने वाले चुनाव से पहले जातीय असंतुलन की शिकायतों को दूर करने के लिए यह बदलाव स्वाभाविक है।
  • कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इस फेरबदल को “जनता को धोखा देने वाला” और बीजेपी का तैयार किया गया “फॉर्मूला” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम सरकार के चार साल के कामकाज से ध्यान भटकाने की चाल है।
  • राजनीतिक विश्लेषक आशुतोष ने कहा कि इस घटनाक्रम से राज्य सरकार के कामकाज से केंद्र स्तर पर असंतोष होने के संकेत मिलते हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निगाहें लगातार बनी रहती हैं।

माना जा रहा है कि इस पुनर्गठन से युवाओं को ज्यादा जिम्मेदारी मिलेगी, सरकार के कामकाज में नयापन आएगा और पार्टी संगठन भविष्य के लिए मजबूत रणनीति बना पाएगा।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here