जबलपुर : मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या को कम करने के उद्देश्य से मुख्य न्यायाधीश संजिव कुमार सचदेवा ने आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए 10 विशेष बेंचों का गठन किया है।
मुख्य बिंदु:
- हाईकोर्ट में अब तक 4.80 लाख से अधिक मामले लंबित हैं, जिनमें 3,000 जमानत याचिकाएं शामिल हैं।
- लंबित मामलों में तेजी लाने के लिए बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर आग्रह किया था।
- विचाराधीन कैदियों की जमानत अर्जियां लंबित रहने के कारण उन्हें न्याय मिलने में लंबा समय लग रहा था।
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विशेष बेंचों की जानकारी:
विशेष बेंचों में जस्टिस ए.के. पालीवाल, प्रमोद कुमार अग्रवाल, देव नारायण मिश्रा, दीपक खोट, अजय कुमार निरंकारी, हिमांशु जोशी, रामकुमार चौबे, रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन, बी.पी. शर्मा और प्रदीप मित्तल शामिल हैं।
- आम तौर पर शनिवार को उच्च न्यायालय में छुट्टी रहती है।
- हाईकोर्ट में स्वीकृत पदों की संख्या 532 है, लेकिन वर्तमान में केवल 41 न्यायाधीश कार्यरत हैं।
- मुख्य न्यायाधीश ने लंबित मामलों की सुनवाई में गति लाने के लिए यह अनिवार्य कदम उठाया है।
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन और सचिव परितोष त्रिवेदी ने कहा कि लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए यह पहल स्वागत योग्य है और इससे न्याय व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ेगी।











