सिंगापुर, 08 सितंबर 2025 : पंजाब के सभी 23 जिले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 2000 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में मृतकों की संख्या 46 तक पहुंच गई है, जबकि 1,75,000 हेक्टेयर में खड़ी फसल बर्बाद हो चुकी है। सतलुज, ब्यास और रावी नदियां अब भी उफान पर हैं, जिससे लोग संकट में फंसे हुए हैं।
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मुख्यमंत्री का जज्बा :
प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अस्पताल के बेड से ही कैबिनेट की बैठक की और राहत कार्यों की समीक्षा की। आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें वे ड्रिप से जुड़े हुए बिस्तर पर बैठकर बैठक करते नजर आ रहे हैं।
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मान सरकार के राहत फैसले:
- बाढ़ से प्रभावित खेतों के लिए प्रति एकड़ 20,000 रुपये किसानों को मुआवजा।
- खेत में जमा बालू निकालकर बेचने की सुविधा, NOC की आवश्यकता नहीं। यह सुविधा 15 नवंबर तक रहेगी।
- बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को चार लाख रुपये का अनुग्रह भुगतान।
- बाढ़ से प्रभावित किसानों के जानवरों के लिए भी सहायता उपलब्ध।
- प्रभावित लोगों के लिए वित्तीय सहायता की व्यवस्था।
राजनीतिक समर्थन :
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री मान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ऐतिहासिक राहत पैकेज की घोषणा की है और राज्य का खजाना पूरी तरह से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए खोल दिया गया है।
सामाजिक सहयोग :
बाढ़ के दौरान पंजाब के लोगों ने साहस, भाईचारा और सेवा भावना का अनूठा उदाहरण पेश किया। गुरुद्वारों और गांव-गांव में लगातार निस्वार्थ सेवा का सिलसिला जारी है।





