Reva News: रीवा :अनुकंपा नियुक्ति के तहत जिला कलेक्टर कार्यालय में नियुक्त किए गए दो लिपिकों का चौका देने वाला मामला प्रकाश में आया है जहां जिला कलेक्टर ने एक लिपिक को फर्जी सीपीसीटी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने के चलते सेवा से पृथक कर दिया तो वहीं दूसरी महिला लिपिक द्वारा सीपीसीटी प्रमाण पत्र निश्चित अवधि में प्रस्तुत न किए जाने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की, दरअसल यह पूरा मामला उस वक्त चर्चा का विषय बन गया जब महिला लिपिक के सीपीसीटी प्रमाण पत्र प्रस्तुत न किए जाने पर जिला कलेक्टर ने सचिव मध्य प्रदेश शासन से उम्र का हवाला देते हुए मार्गदर्शन मांगा और वह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
Reva News: बताया गया है कि अनुकंपा नियुक्ति के दो प्रकरणों में अभिराम मिश्र सहित वंदना द्विवेदी की नियुक्ति जिला कलेक्टर कार्यालय में बतौर लिपिक की गई थी जिसमें से दोनों को एक निश्चित समय अवधि के अंदर सीपीसीटी प्रमाण पत्र कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करना था लेकिन अभिराम मिश्र ने जो सीपीसीटी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जो फर्जी निकला वही वंदना द्विवेदी ने वर्ष 2017 से लेकर अभी तक कोई भी सीपीसीटी प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया लिपिक अभिराम मिश्र द्वारा फर्जी सीपीसीटी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने के मामले में जिला कलेक्टर ने संज्ञान लेते हुए लिपिक को सेवा से पृथक कर दिया वहीं दूसरी ओर वंदना द्विवेदी द्वारा सीपीसीटी प्रमाण पत्र प्रस्तुत न किए जाने के संदर्भ में जिला कलेक्टर ने सचिव मध्य प्रदेश शासन को एक पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है बताया जा रहा है कि महिला लिपिक द्वारा सीपीसीटी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की अवधि को लेकर अभी तक कोई एक्सटेंशन भी नहीं मांगा गया है।
Reva News: बावजूद इसके जिला कलेक्टर ने दोहरा मापदंड अपनाते हुए एक लिपिक को सेवा से पृथक कर दिया तो दूसरे को अभय दान दिया है वही इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद कांग्रेस ने भी कलेक्टर की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाए हैं कांग्रेस नेता कुंवर सिंह ने ने आरोप लगाते हुए कहा की महिला लिपिक वंदना द्विवेदी प्रदेश के डिप्टी सीएम की किचन केबिनेट की सदस्य हैं।
Reva News: इसके चलते जिला कलेक्टर ने उन पर कोई कार्यवाही नहीं की जबकि कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस पूरे मामले को लेकर कहा कि लिपिक संवर्ग में चयनित अभ्यर्थियों को एक निश्चित समय अवधि के अंदर अपने पास होने का सीपीसीटी प्रमाण पत्र करना होता है अभिराम मिश्र द्वारा फर्जी सीपीसीटी प्रमाण पत्र जमा किया गया जो कि अपराध की श्रेणी में आता है इसलिए उन्हें सेवा से पृथक किया गया है जिन्होंने सीपीसीटी प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है उनके विरुद्ध विधि अनुरूप कार्यवाही की जाएगी।













