UPI Payments पर नए बदलाव के संकेत, RBI गवर्नर ने बताया शुल्क लगाने की संभावना

VIKASH KHALKHO

UPI Payments : नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा है कि देश में पेमेंट सिस्टम में क्रांति लाने वाला यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) हमेशा मुफ्त नहीं रह सकता। उन्होंने संकेत दिए हैं कि डिजिटल पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर चलाने की लागत अंततः उपयोगकर्ताओं को ही वहन करनी पड़ सकती है।

मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वर्तमान में UPI फ्री नहीं है, बल्कि इसकी लागत कहीं न कहीं चुकाई जा रही है। “सरकार इसे सब्सिडी दे रही है, लेकिन इस सब्सिडी का भुगतान किसी न किसी को करना पड़ता है,” उन्होंने कहा।

Read More : BIHAR News : नवादा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: डेढ़ करोड़ रुपये की अवैध लॉटरी बरामद, दो गिरफ्तार

जब उनसे पूछा गया कि क्या मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या इसी तरह के शुल्क उपभोक्ताओं से लिए जा सकते हैं, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि “लागत तो होती है और इसे किसी न किसी को चुकाना ही पड़ता है। यह मायने नहीं रखता कि कौन भुगतान करता है, बल्कि यह जरूरी है कि बिल कोई तो चुकाए।”

क्या है MDR?
मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वह शुल्क है जो भुगतान प्रोसेसिंग कंपनियां दुकानों और व्यवसायों से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर लेती हैं। जनवरी 2020 से UPI ट्रांजेक्शंस को MDR से छूट मिली हुई है।

डिजिटल पेमेंट का भविष्य और बदलाव
RBI गवर्नर ने कहा, “हमारे लिए और इसकी स्थिरता के लिए यह जरूरी है कि सामूहिक या व्यक्तिगत रूप से कोई इसके लिए भुगतान करे।” यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ निजी बैंक, जैसे ICICI बैंक, 1 अगस्त से UPI ट्रांजेक्शंस पर शुल्क लगाना शुरू कर चुके हैं। ICICI बैंक ने पेमेंट एग्रीगेटर्स जैसे PhonePe और Google Pay से प्रति ट्रांजेक्शन शुल्क लेना शुरू किया है।

Read More : BIHAR News : नवादा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: डेढ़ करोड़ रुपये की अवैध लॉटरी बरामद, दो गिरफ्तार

UPI की लोकप्रियता और बढ़ती लेनदेन संख्या
वहीं दूसरी ओर, UPI ने 2 अगस्त को एक नया रिकॉर्ड बनाया है। NPCI के अनुसार, एक ही दिन में UPI पर 700 मिलियन से अधिक ट्रांजेक्शन हुए। जुलाई 2025 में UPI ने 19.47 बिलियन ट्रांजेक्शन संसाधित किए, जिनका मूल्य लगभग 25.1 लाख करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की तुलना में 35% अधिक है।

Share The News
Share This Article
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *