Saturday, August 15, 2026
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bharat singh case : रिश्वतकांड में जीएसटी अधीक्षक भरत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, पढ़िए क्या था पूरा मामला

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bharat singh case
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bharat singh case : रायपुर.दिल्ली। सेंट्रल जीएसटी सुपरिटेंडेंट भरत सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। उन्होंने जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। 4 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट की दो-न्यायाधीशों की पीठ माननीय न्यायमूर्ति संजय कुमार और माननीय न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा ने इस पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अर्धेन्दुमौली कुमार प्रसाद और अन्य वकीलों ने पक्ष रखा, जबकि प्रतिवादी की ओर से वकील मौजूद थे।

bharat singh case : सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वर्तमान चरण में हम उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं। इसलिए विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी गई और लंबित सभी अंतरिम आवेदनों को भी निपटाया गया।

bharat singh case : इस मामले में सीबीआई की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। खुद को ‘मिश्रा’ बताने वाले फर्जी जीएसटी अधिकारी अनिल गुप्ता ने गुरुवार को रायपुर की कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। जानकारी मिलते ही सीबीआई ने आरोपी को हिरासत में लेने की अर्जी दी, जिसके बाद कोर्ट ने अनिल गुप्ता को 14 जुलाई तक सीबीआई की रिमांड पर भेज दिया। अब सीबीआई अधिकारी उससे पूछताछ करेंगे।

bharat singh case : मामला दुर्ग के कारोबारी लालचंद अठवानी की कंपनी ‘द वर्ल्ड ऑफ ब्यूटी’ से जुड़ा है। 28 जनवरी को सेंट्रल जीएसटी की टीम ने कंपनी पर छापा मारा और दस्तावेज जब्त किए। इनमें अनियमितताएं मिलने पर रायपुर में पदस्थ जीएसटी अधीक्षक भरत सिंह ने केस निपटाने के लिए 34 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। यह प्रस्ताव कारोबारी तक विनय राय नाम के व्यक्ति के माध्यम से पहुंचा। लालचंद ने इसकी शिकायत सीबीआई से की। सीबीआई ने जाल बिछाकर 5 लाख रुपए के केमिकल लगे नोटों के साथ आरोपी को रायपुर के वीआईपी रोड पर बुलाया, जहां वह रंगेहाथ पकड़ा गया।

bharat singh case : पूछताछ में एक तीसरे व्यक्ति ‘मिश्रा’ का नाम सामने आया, जो खुद को जीएसटी अधिकारी बताता था। आगे की जांच में पता चला कि ‘मिश्रा’ वास्तव में अनिल गुप्ता है, जो जीएसटी विभाग का कर्मचारी नहीं है। वह व्यापारियों को झांसे में लेकर असली अफसरों से साठगांठ करता था और केस सुलझाने या फंसाने के नाम पर बड़ी रकम वसूलता था। उसके पास से फर्जी पहचान पत्र, सरकारी मुहर और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।

bharat singh case : अब तक अधीक्षक भरत सिंह और विनय राय को गिरफ्तार किया जा चुका है। अनिल गुप्ता को कोर्ट में पेश कर रिमांड ली गई है। सीबीआई अब गिरोह में शामिल अन्य अधिकारियों और दलालों की तलाश में जुटी है।

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