पुडुचेरी। पुडुचेरी सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए एक नया नियम लागू किया है, जिसे लेकर शिक्षा जगत में चर्चा का माहौल है। अब कक्षा 6 से 12वीं तक की छात्राओं को स्कूल में ओवरकोट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सी. गवौरी के अनुसार, स्कूल शिक्षा निदेशक ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और सभी क्षेत्रीय स्कूल निरीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इन निरीक्षकों को कहा गया है कि वे निर्धारित ओवरकोट डिजाइन अपने अधीनस्थ स्कूल प्रमुखों को भेजें और छात्राओं को उसी अनुसार ओवरकोट पहनकर स्कूल आने को कहें।
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सूत्रों के अनुसार, यह कदम छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार का मानना है कि यह फैसला विद्यालय परिसरों में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने में मददगार होगा।
इससे पहले, इसी वर्ष जनवरी में शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को निर्देश दिया था कि वे शाम 6 बजे के बाद एक्स्ट्रा क्लास न लगाएं और वीकेंड या सार्वजनिक छुट्टियों में छात्रों को न बुलाएं।
पुडुचेरी सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लेते हुए अंडर-ग्रेजुएशन स्तर के गैर-नीट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सरकारी स्कूलों में पढ़े छात्रों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने की घोषणा की है। इस फैसले का लाभ शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से मिलने लगेगा।
यह आरक्षण केंद्रीयकृत प्रवेश समिति (CENTAC) द्वारा संचालित काउंसलिंग प्रक्रिया में लागू होगा और सरकारी के साथ-साथ निजी वित्तपोषित संस्थानों के सरकारी कोटे की सीटों पर प्रभावी रहेगा।
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आरक्षण इंजीनियरिंग, पशु चिकित्सा, कृषि एवं बागवानी, नर्सिंग, जीवविज्ञान आधारित पैरामेडिकल डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के साथ-साथ फार्मेसी, कानून, कला, विज्ञान और वाणिज्य के पाठ्यक्रमों पर भी लागू होगा।
सरकार के इन दोनों फैसलों को एक ओर जहां छात्रों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने वाला बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इससे सामाजिक न्याय की दिशा में भी एक मजबूत पहल मानी जा रही है।











