Saturday, August 22, 2026
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Uttarkashi : बादल फटने से मची तबाही – खीर गाढ़ नाले में बाढ़ से मकान और होटल बहे, 50 से ज्यादा लोग लापता, राहत अभियान जारी…

Uttarkashi : देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में सोमवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। गंगोत्री धाम मार्ग पर स्थित इस गांव में खीर गाढ़ नाले में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे नदी किनारे बने मकान, होटल और होमस्टे देखते ही देखते माचिस की तीलियों की तरह बह गए। घटना में अब तक 50 से 60 लोगों के लापता होने की सूचना है, जिनमें कई मजदूर भी शामिल बताए जा रहे हैं। मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें युद्धस्तर पर बचाव कार्य में जुटी हैं।

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स्थानीय लोगों के मुताबिक, देर रात अचानक तेज आवाज के साथ मलबा और पानी गांव की ओर बढ़ा। कुछ ही सेकेंड में गांव का एक बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे 30 सेकेंड में दर्जनों मकान बहते चले गए। पानी के साथ बड़े-बड़े पत्थर और लकड़ी के लट्ठे भी बहते नजर आए, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ।

धराली, गंगोत्री धाम के रास्ते में एक अहम पड़ाव है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुकते हैं। लेकिन सोमवार रात आई इस आपदा ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है।

भूवैज्ञानिक एसपी सती ने बताया कि यह इलाका पहले भी प्राकृतिक आपदाओं के लिए संवेदनशील रहा है। 1835 में भी यहां इसी तरह का बाढ़ आया था, जिसमें नदी ने अपना रास्ता बदला था। उसी पुराने डिपॉजिट वाले क्षेत्र में अब बड़े-बड़े होटल और भवन बना दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र ग्लेशियर से निकले नाले का फ्लडप्लेन है। गर्मियों में जब ऊपर की बर्फ पिघलती है और बारिश तेज होती है तो नाले में भारी मलबा और पानी एकसाथ नीचे आता है, जिससे विनाशकारी बाढ़ आती है।

उन्होंने बताया कि इस बार की घटना स्नो-रॉक एवलांच की तरह थी, जो नीचे आते-आते बाढ़ में तब्दील हो गई और उसने अपने पुराने रास्ते को फिर से अपना लिया। दुर्भाग्य से, इसी रास्ते में लोगों ने निर्माण कर लिए थे, जो अब उसकी चपेट में आ गए।

घटना की जानकारी मिलते ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति की समीक्षा की और राहत-बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को तैनात किया। केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने भी मौके पर पहुंच कर हालात का जायजा लिया और कहा कि यह एक बहुत बड़ी प्राकृतिक आपदा है। सरकार की ओर से हरसंभव मदद पहुंचाई जा रही है।

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धराली के लोगों ने सरकार से सुरक्षित पुनर्वास और भविष्य में नदियों के फ्लडप्लेन पर अतिक्रमण रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते चेतावनी और वैज्ञानिक सलाह पर ध्यान दिया गया होता तो शायद इस तबाही को रोका जा सकता था।

फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। लापता लोगों की तलाश की जा रही है और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

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