Wednesday, September 2, 2026
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CG Breaking : संसाधन नहीं तो काम नहीं : तहसीलदार संघ का बड़ा ऐलान, 17 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू…

CG Breaking : संसाधन नहीं तो काम नहीं
CG Breaking : संसाधन नहीं तो काम नहीं

रायपुर। CG Breaking : छत्तीसगढ़ की राजस्व व्यवस्था पर बड़ा संकट गहराता दिख रहा है। प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। “संसाधन नहीं तो काम नहीं” के नारे के साथ तहसीलदार संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर बुधवार को 550 से अधिक तहसीलदार-नायब तहसीलदारों ने प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।

CG Breaking : तहसीलदार संघ के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार लहरे ने कहा कि सरकार लगातार हमारी मांगों की अनदेखी कर रही है। तहसील कार्यालयों में स्टाफ और संसाधनों की कमी के चलते अधिकारी बुरी तरह जूझ रहे हैं। 30 जुलाई की सांकेतिक हड़ताल के बावजूद सरकार की उदासीनता ने तहसीलदार संघ को अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया है।

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प्रशासनिक कामकाज ठप होने की आशंका

इस हड़ताल का सीधा असर प्रदेश के राजस्व न्यायालयों, जमीन संबंधी मामलों, नामांतरण, सीमांकन, फौती जैसे कार्यों पर पड़ने वाला है। साथ ही शासन-प्रशासन के बीच की अहम कड़ी माने जाने वाले तहसीलदार-नायब तहसीलदारों के काम ठप होने से फील्ड स्तर पर भी शासकीय योजनाओं की रफ्तार थम सकती है।

तहसीलदार संघ की प्रमुख मांगें:

  • तहसील कार्यालयों में स्टाफ की पर्याप्त नियुक्ति (पटवारी, ऑपरेटर, चपरासी आदि)

  • डिप्टी कलेक्टर पद पर प्रमोशन प्रक्रिया में पारदर्शिता और 50:50 फॉर्मूला लागू करने की मांग

  • नायब तहसीलदार को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा

  • वेतनमान और ग्रेड पे में सुधार

  • सभी तहसीलों को सरकारी वाहन और ड्राइवर की सुविधा

  • निलंबन प्रकरणों की 15 दिन में जांच पूरी कर बहाली

  • न्यायालयीन आदेशों पर FIR नहीं हो, जज प्रोटेक्शन एक्ट 1985 का पालन

  • तहसीलदार संघ को सरकार से आधिकारिक मान्यता मिले

तहसीलदार संघ का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस हड़ताल के चलते आम नागरिकों को आने वाले दिनों में प्रशासनिक कामकाज में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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