हरियाली तीज 2025 : शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का पावन पर्व, जानें पूजा विधि, महत्व और व्रत की पूरी जानकारी

हरियाली तीज 2025 : नई दिल्ली – श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाने वाली हरियाली तीज इस वर्ष 27 जुलाई 2025 को है। यह व्रत खासतौर पर सुहागिन महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है। वहीं, अविवाहित कन्याएं भी मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए इस दिन उपवास रखती हैं। इस दिन शिव-पार्वती के पुनर्मिलन की स्मृति में विधिपूर्वक पूजन किया जाता है। आइए जानते हैं इस पर्व का महत्व, पूजा विधि, सामग्री और खास परंपराएं।

हरियाली तीज का महत्व

हरियाली तीज को शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि माता पार्वती ने 107 जन्मों तक कठिन तपस्या की और 108वें जन्म में उन्हें भगवान शिव पति रूप में प्राप्त हुए। यह दिन अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और वैवाहिक प्रेम का प्रतीक है। महिलाएं सोलह श्रृंगार कर, हरे वस्त्र पहनकर, झूला झूलती हैं और लोकगीत गाकर उत्सव को जीवंत बनाती हैं।

पूजा मुहूर्त और शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:46 बजे से 05:30 बजे तक
  • प्रातः संध्या: सुबह 05:08 बजे से 06:14 बजे तक
  • पूजा मुहूर्त: सुबह 07:22 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक

हरियाली तीज की पूजा विधि

  1. सुबह स्नान के बाद घर की सफाई कर तोरण-मंडप से सजाएं।
  2. एक चौकी पर मिट्टी में गंगाजल मिलाकर शिव-पार्वती, गणेश और सखियों की मूर्तियाँ बनाएं।
  3. सोलह श्रृंगार की सभी सामग्री थाली में रखें और माता पार्वती को अर्पित करें।
  4. भगवान शिव को वस्त्र चढ़ाएं और षोडशोपचार विधि से पूजन करें।
  5. तीज व्रत की कथा पढ़ें या सुनें।
  6. रात्रि में चंद्रमा के दर्शन अवश्य करें।

पूजा सामग्री लिस्ट

  • मिट्टी (शिवलिंग व प्रतिमा बनाने हेतु)
  • गंगाजल, पंचामृत, जनेऊ, बेलपत्र, धतूरा, फल, मिठाई, नारियल, चावल, दूर्वा, शहद, कपूर, धूप, घी, सिंदूर, पीला वस्त्र
  • सोलह श्रृंगार की वस्तुएं: हरी साड़ी, मेहंदी, चूड़ियां, बिंदी, इत्र, कंघी, दर्पण, बिछुआ आदि

सिंजारा परंपरा और उसका महत्व

हरियाली तीज से एक दिन पहले मायके से बेटी के ससुराल सिंजारा भेजा जाता है, जिसमें वस्त्र, मेहंदी, मिठाई, श्रृंगार-सामग्री और घेवर होता है। इसे श्रृंगार दिवस भी कहा जाता है। यह परंपरा बेटी के सौभाग्य की कामना से जुड़ी होती है।

हरियाली तीज पर बहुओं को करने चाहिए ये 5 काम

  1. सुबह उठकर बड़ों का आशीर्वाद लें।
  2. पूरे सोलह श्रृंगार में पूजन करें।
  3. सिंजारा में आई सामग्री का उपयोग करें।
  4. खुद मीठा भोग बनाएं और मां पार्वती को अर्पित करें।
  5. सास-ननद के साथ झूला झूलें और रिश्तों को मजबूत करें।

हरे रंग का महत्व

हरियाली तीज में हरा रंग प्रकृति, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। हरे वस्त्र पहनना, हरी चूड़ियां, बिंदी लगाना इस दिन की विशेष परंपरा है। यह रंग नवविवाहिता की तरुणता और आशाओं का प्रतिनिधित्व करता है।

“शिव-पार्वती की कृपा बनी रहे आप पर, सौभाग्य और प्रेम से भरा हो जीवन। हरियाली तीज की शुभकामनाएं।”

“झूलों की पेंग, सोलह श्रृंगार, हरे रंग की बहार, हरियाली तीज पर सौभाग्य का उपहार।”

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Bhopal News: MP में 90 फीसदी से कम E-Attendance वाले Teacher होंगे Suspend

Bhopal News: भोपाल: मध्य प्रदेश में 90 प्रतिशत से...

Related Articles

Popular Categories