Jharkhand News : रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले के कुजू क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जब सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की करमा परियोजना की खुली खदान में अवैध कोयला खनन के दौरान चाल धंस गई। इस हादसे में चार ग्रामीणों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद नाराज़ ग्रामीणों ने सीसीएल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए करमा परियोजना कार्यालय के बाहर शवों के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया और मुआवजे की मांग की।
Jharkhand News : हादसा सुबह करीब सात बजे महुआटुंगरी के पास स्थित सीसीएल की सुगिया खदान में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोज की तरह कुछ ग्रामीण अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए खदान में पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक मलबा ढह गया और 12 लोग उसके नीचे दब गए। राहत कार्य में जुटे लोगों ने किसी तरह मलबे में दबे सभी को बाहर निकाला, लेकिन चार लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। मृतकों की पहचान निर्मल मुंडा, वकील करमाली, इम्तियाज अंसारी उर्फ लालू और रामेश्वर मांझी के रूप में हुई है। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
Jharkhand News : घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सीसीएल की खदानों में सुरक्षा इंतज़ामों की कमी और अधिकारियों की लापरवाही को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। एक पीड़ित परिवार के सदस्य ने आरोप लगाया कि खदान को खुला छोड़ दिया गया, जिससे ग्रामीणों का प्रवेश आसान हो गया। उन्होंने कहा कि यदि बैरिकेडिंग और सुरक्षा गार्ड होते, तो यह हादसा रोका जा सकता था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सीसीएल द्वारा डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी (डीजीएमएस) के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
Jharkhand News : हादसे के विरोध में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और मजदूर संगठनों ने मृतकों के परिजनों के लिए 20 लाख रुपये और घायलों के लिए 5 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। साथ ही, सीसीएल अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की भी मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक वे शवों को नहीं हटाएंगे। इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
Jharkhand News : सीसीएल और जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, सीसीएल के सुरक्षा प्रभारी हेमंत कुमार ने फोन पर चार मौतों की पुष्टि की है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक किसी कार्रवाई की सूचना नहीं दी गई है।
Jharkhand News : कोयलांचल क्षेत्र में अवैध खनन और चाल धंसने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। 2019 में भी करकट्टा खदान में भू-धंसान की चेतावनी दी गई थी, मगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यह हादसा एक बार फिर सुरक्षा उपायों की अनदेखी और प्रशासन की विफलता को उजागर करता है।
Jharkhand News : सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने इस हादसे को गंभीर लापरवाही करार देते हुए उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता रमेश मुंडा ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सीसीएल की आपराधिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने सरकार से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए खदानों में सख्त सुरक्षा उपाय किए जाएं और अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगे।
Jharkhand News : यह हादसा एक चेतावनी है कि जब तक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा और अवैध खनन पर अंकुश नहीं लगाया जाएगा, तब तक कोयलांचल क्षेत्र में ऐसे दर्दनाक हादसे होते रहेंगे।








