Burhanpur News : गोपाल देवकर/ बुरहानपुर : बुरहानपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र ग्राम बसाली के प्राथमिक-माध्यमिक स्कूल में शिक्षा की स्थिति बहुत ही दयनीय है। इस स्कूल में एक से आठ तक कक्षाएं संचालित होती हैं, लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं,एक शिक्षक के भरोसे चल रहे इस स्कूल में विद्यार्थियों का संपूर्ण विकास कैसे हो पाएगा
Burhanpur News : बुरहानपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र ग्राम बसाली के प्राथमिक-माध्यमिक स्कूल जहाँ दो कक्षाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन एक शिक्षिका अब तक नहीं पहुंची है। स्कूल खुले हुए 20 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक भी नहीं पहुंची है। इससे विद्यार्थियों को कितनी परेशानी हो रही होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।
Burhanpur News : इसके अलावा, स्कूल में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। विद्यार्थियों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है, साफ-सुथरा टॉयलेट नहीं है, और बैठने के लिए फर्नीचर नहीं है। विद्यार्थी टाट पट्टी पर बैठकर शिक्षा ले रहे हैं,स्कूल में कुल 133 विद्यार्थी हैं, लेकिन उपस्थिति केवल 48 है। इससे साफ है कि विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति रुचि नहीं है, जिसका एक बड़ा कारण शिक्षकों की मनमानी और मूलभूत सुविधाओं का अभाव है,बुरहानपुर जिले में शिक्षा की स्थिति बद से बदतर है। शिक्षकों की मनमानी के चलते विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। ऐसे में कैसी होगी शिक्षा? यह एक बड़ा सवाल है जिसका जवाब शिक्षा विभाग और प्रशासन को देना होगा ।
Burhanpur News : जब संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी संतोष सिंह सोलंकी से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि जिस तरह से कक्षा 1 से 5 तक एक कक्ष में और दूसरे कक्ष में कक्षा 6 से 8 तक संचालित हो रही है इसके लिए BRC, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और जन शिक्षक जवाब देही है वही मूलभूत सुविधा के संबंध में चर्चा की तो उन्होंने बताया कि संस्था प्रधान इसके लिए जवाब देही है वही जब संबंध में डीपीसी रविंद्र महाजन से संपर्क किया तो उन्होंने भी संस्था प्रधान को ही जवाब देही ठहराया।
Burhanpur News : आखिर कब तक विद्यार्थियों को ऐसी परिस्थितियों में शिक्षा लेनी होगी? और कब तक शिक्षकों की मनमानी चलती रहेगी? कब तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना रहेगा? इन सवालों का जवाब ढूंढना होगा और शिक्षा की स्थिति में सुधार करना होगा।











