इंदौर। Indore Crime Branch Bribery Allegation: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक ताजा मामला सामने आया है। इंदौर क्राइम ब्रांच के दो आरक्षकों पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस महकमे में भारी हलचल मच गई है। इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से मामले का संज्ञान लिया है और इसकी निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी एडिशनल डीसीपी को सौंप दी है। पुलिस अब न केवल वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है, बल्कि इसके पीछे के स्रोत और अपलोड करने वाले सोशल मीडिया हैंडल की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंदौर में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें शहर की क्राइम ब्रांच में पदस्थ दो आरक्षकों पर पैसों के लेनदेन और रिश्वतखोरी के आरोप लगाए गए हैं। जैसे ही यह वीडियो उच्च अधिकारियों की नजर में आया, विभाग में आंतरिक जांच शुरू कर दी गई। पूरे मामले की जांच एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी को सौंपी गई है। जांच प्रक्रिया के तहत पुलिस अधिकारियों द्वारा उस सोशल मीडिया हैंडल या पेज संचालक को भी तलाश कर नोटिस जारी किया जा रहा है, जिसके जरिए इस वीडियो को सबसे पहले अपलोड या प्रसारित किया गया था।
पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि वीडियो में किए गए दावों के पीछे के दस्तावेजी प्रमाण और अन्य तथ्यात्मक आधार क्या हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और सभी कोणों से जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि वायरल वीडियो की प्रामाणिकता और उसके स्रोत की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने और तथ्य सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वीडियो में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में नियमों का उल्लंघन किया गया है।