Mahadev Betting Case: रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रायपुर की विशेष CBI अदालत ने सौरभ चंद्राकर की 8 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर कर दी है। साथ ही CBI को उसे दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय ले जाकर पूछताछ करने की अनुमति भी मिल गई है। अब जांच एजेंसी दिल्ली में उससे पूछताछ करेगी।
कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद CBI की जांच तेज होने की उम्मीद है। एजेंसी सौरभ से महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के संचालन, सट्टेबाजी नेटवर्क, करोड़ों रुपये के आर्थिक लेन-देन और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों के बारे में सवाल-जवाब करेगी।
Mahadev Betting Case: CCTV कैमरों की निगरानी में होगी पूछताछ
सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया था। इसके बाद CBI की टीम उसे दिल्ली से रायपुर लेकर पहुंची और बुधवार को विशेष CBI अदालत में पेश किया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने उसकी गिरफ्तारी की वैधता और प्रत्यर्पण की शर्तों को लेकर सवाल उठाए थे। वहीं, CBI ने पूछताछ के लिए 10 दिन की रिमांड की मांग की थी।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 8 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर की। कोर्ट ने पूछताछ के लिए सौरभ को दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय ले जाने की अनुमति भी दी है। यहां उससे CCTV कैमरों की निगरानी में पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा अदालत ने उसे शाम के समय अपने वकील से मुलाकात करने की अनुमति भी दी है।
6 हजार करोड़ के सट्टा नेटवर्क के खुल सकते हैं राज
करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित महादेव सट्टेबाजी नेटवर्क की जांच में सौरभ चंद्राकर से पूछताछ को अहम माना जा रहा है। जांच एजेंसियां लंबे समय से इस नेटवर्क के संचालन, पैसों के लेन-देन, हवाला के जरिए विदेशों में रकम भेजने और कथित प्रोटेक्शन मनी के लेन-देन की जांच कर रही हैं।
Mahadev Betting Case: CBI की पूछताछ में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, विदेशों में संचालित गतिविधियों और आर्थिक लेन-देन से संबंधित जानकारियां जुटाई जा सकती हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के दौरान महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़े किन लोगों के नाम सामने आते हैं और क्या इस मामले में नए खुलासे होते हैं।