दिवाली पर घर की सजावट से लेकर नए कपड़े, मिठाइयां और गिफ्ट खरीदने तक कई तरह के खर्च होते हैं। बाजार में मिलने वाले ऑफर और ऑनलाइन सेल भी खरीदारी का मन बढ़ा देते हैं। कई बार हम जरूरत से ज्यादा सामान सिर्फ इसलिए खरीद लेते हैं, क्योंकि उस पर अच्छा डिस्काउंट मिल रहा होता है। इसका असर त्योहार के बाद जेब पर पड़ता है। अगर आप भी इस दिवाली घर की जरूरतों का सामान खरीदना चाहते हैं और बजट भी संभालकर रखना चाहते हैं, तो खरीदारी से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें।
सबसे पहले दिवाली का बजट तय करें
शॉपिंग पर निकलने से पहले तय कर लें कि दिवाली के लिए कुल कितने पैसे खर्च करने हैं। घर के जरूरी खर्च जैसे राशन, बिजली का बिल, बच्चों की फीस, दवाइयां और EMI का पैसा पहले अलग रख दें। इसके बाद बची रकम में से ही त्योहार की खरीदारी का बजट बनाएं।
शॉपिंग से पहले लिस्ट जरूर बनाएं
बाजार जाने से पहले उन चीजों की लिस्ट बना लें, जिन्हें खरीदना जरूरी है। जैसे घर के लिए दीये, पूजा का सामान, मिठाई बनाने की सामग्री, कपड़े और गिफ्ट। लिस्ट में हर चीज के सामने अनुमानित कीमत भी लिखें। इससे बाजार में पसंद आने वाली गैरजरूरी चीजों पर पैसा खर्च करने से बचेंगे।
घर में पहले से मौजूद सामान चेक करें
दिवाली की नई खरीदारी करने से पहले घर में रखे सामान को देख लें। पिछले साल की लाइटें, दीये, सजावट के सामान और पूजा की चीजें दोबारा इस्तेमाल की जा सकती हैं।
ऑनलाइन या बाजार, कहां से करें खरीदारी?
ऑनलाइन सामान खरीदते समय एक ही प्रोडक्ट की कीमत अलग-अलग वेबसाइट पर जरूर देखें। डिलीवरी चार्ज और दूसरे शुल्क जोड़ने के बाद ही तय करें कि कौन-सा विकल्प सस्ता है। वहीं कपड़े, जूते और सजावट का सामान बाजार से खरीदना उपयोगी हो सकता है।
किराने का सामान…
दिवाली पर पकवान और मिठाइयां बनाने के लिए घर में किराने का सामान ज्यादा आता है। खरीदारी से पहले रसोई में मौजूद आटा, तेल, घी, मसाले और सूखे मेवे चेक कर लें। इसके बाद ही जरूरत के हिसाब से नई लिस्ट बनाएं। अलग-अलग दुकानों पर कीमत पता करें।
बड़े डिस्काउंट देखकर न बदलें अपना प्लान
दिवाली पर एक के साथ एक मुफ्त, भारी छूट और सीमित समय वाले ऑफर मिलते हैं। लेकिन हर ऑफर आपके लिए फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं है। खरीदने से पहले खुद से पूछें कि क्या उस सामान की जरूरत है। सिर्फ ऑफर का फायदा उठाने के लिए अतिरिक्त चीजें खरीदने से बचें।
दिवाली के बाद जेब खाली होने से बचाएं
छोटी-छोटी खरीदारी भी मिलकर बड़ा खर्च बन सकती है। इसलिए हर खरीदारी का हिसाब रखें और तय बजट से बाहर न जाएं। क्रेडिट कार्ड की पूरी लिमिट को अपना बजट न समझें और त्योहार के लिए उधार लेने से बचें।