गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। Raigarh Cyber Fraud: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक डॉक्टर से 34 लाख रुपये से अधिक की बड़ी ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रायगढ़ पुलिस की विशेष टीम ने मध्य प्रदेश के व्यावसायिक केंद्र इंदौर में एक कॉल सेंटर और अन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश देकर तीन युवतियों समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
प्रार्थी डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा ने 27 मई को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि मार्च 2025 में मोबाइल पर सुनील नामक व्यक्ति से संपर्क हुआ था। आरोपी ने उन्हें ‘स्पार्टन ट्रेड’ कंपनी के जरिए शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर भारी मुनाफे का लालच दिया। व्हाट्सएप पर फर्जी पोर्टफोलियो भेजकर उन्हें लगातार अच्छे रिटर्न का झांसा दिया गया। धीरे-धीरे अलग-अलग समय पर उनसे कुल 34 लाख रुपये से अधिक का निवेश करा लिया गया, लेकिन जब उन्होंने अपनी रकम निकालनी चाही तो पैसे नहीं मिले और और निवेश करने का दबाव बनाया जाने लगा।

वहीं, दूसरे मामले में सूरज शर्मा के बैंक खाते से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उसका खाता म्यूल अकाउंट (Mule Account) के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। बैंक ट्रांजिशन्स की गहराई से पड़ताल करने पर इंदौर की गायत्री विश्वकर्मा के जरिए कमीशन मिलने के तथ्य सामने आए। दोनों मामलों की कड़ियां आपस में जुड़ी होने और एक कॉमन मोबाइल नंबर (संदेही तनिषा पाटिल) के सक्रिय मिलने पर रायगढ़ पुलिस ने इंदौर में विशेष ऑपरेशन चलाया।
पुलिस ने इंदौर के अलग-अलग इलाकों में दबिश देकर ज्योति मालवीय, तनिषा पाटिल, तरुण नागर, गायत्री विश्वकर्मा और सूरज शर्मा को दबोच लिया। सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया गया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं, और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मास्टरमाइंड्स की तलाश में दूसरे राज्यों में भी लगातार छापेमारी कर रही है।