इंदौर। Nishaanebaz.com-Indore Super Corridor Action: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सरकारी जमीनों और मास्टर प्लान के तहत आने वाले रास्तों पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बार फिर बड़ा चाबुक चलाया है। शहर के प्रमुख और व्यस्ततम सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में शासकीय जमीन पर किए गए अवैध निर्माणों को ढहाकर जमीन को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है। इस कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से संचालित हो रहे कई बड़े रेस्टोरेंट, ढाबे और पक्के निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया।
75 मीटर चौड़ी सर्विस रोड का बनना है मार्ग
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई इंदौर शहर के मास्टर प्लान को सुचारू रूप से लागू करने के उद्देश्य से की गई है।
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मास्टर प्लान योजना: सुपर कॉरिडोर के पास जिस शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया गया है, वह मास्टर प्लान के तहत 75 मीटर चौड़ी सर्विस रोड के लिए पूर्व से ही चिन्हित की गई है।
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निर्माण एजेंसी: इस सर्विस रोड का निर्माण इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा किया जाना है।
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सड़क निर्माण में बाधा: जमीन पर अवैध रूप से रेस्टोरेंट और ढाबे बन जाने के कारण सर्विस रोड के निर्माण कार्य में लगातार रुकावटें आ रही थीं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया।
कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम निधि वर्मा ने संभाली कमान
कलेक्टर शिवम वर्मा के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आया। एसडीएम निधि वर्मा अपने दल-बल और पुलिस टीम के साथ बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचीं और एक-एक कर सभी अवैध ढाबों व रेस्टोरेंटों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया।
“मास्टर प्लान के तहत 75 मीटर चौड़ी सर्विस रोड के लिए निर्धारित शासकीय भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से ढाबे और रेस्टोरेंट बना लिए थे। कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार पूरी टीम ने मौके पर पहुंचकर इन अवैध निर्माणों को हटाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा दिया है, ताकि इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू किया जा सके।” — निधि वर्मा, एसडीएम, इंदौर
भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप
सुपर कॉरिडोर पर हुई इस ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया है। इंदौर जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शहर में मास्टर प्लान की जमीनों और शासकीय परिसंपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
