नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-Pensioners DR Hike Update: सेवानिवृत्ति के बाद मासिक पेंशन ही बुजुर्गों और पेंशनभोगियों के दैनिक तथा आवश्यक खर्चों को पूरा करने का मुख्य जरिया होती है। ऐसे में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच महंगाई राहत (DR) में समय पर बढ़ोतरी होना केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस समय देश भर के लाखों केंद्रीय पेंशनभोगी अपनी महंगाई राहत में होने वाले आगामी इजाफे का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। त्योहारों के इस खास सीजन में पेंशनभोगियों की मांगों को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर हलचल भी तेज हो गई है।
ताजा घटनाक्रम में भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने पेंशनभोगियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट सचिव को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया है। इस ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने महंगाई भत्ते (DA), महंगाई राहत (DR) और लंबे समय से रुकी हुई किस्तों के साथ-साथ उनके बकाया भुगतान (एरियर) को बिना किसी देरी के जारी करने की पुरजोर मांग उठाई है। आगामी हफ्तों में दीवाली और छठ जैसे बड़े तथा प्रमुख त्योहार आने वाले हैं, जिन दौरान पारिवारिक एवं सामाजिक खर्चों में काफी बढ़ोतरी हो जाती है। इसी वजह से पेंशनर्स को उम्मीद है कि सरकार इस अवधि में नई दरों की औपचारिक घोषणा कर राहत दे सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संगठन के महासचिव ने कैबिनेट सचिव से सीधे हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। पत्र में अपील की गई है कि इस संवेदनशील विषय पर पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPWW) तथा वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (DoE) के साथ तत्काल उच्चस्तरीय चर्चा की जाए। अब केंद्रीय पेंशनर्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि सरकार द्वारा महंगाई राहत में आखिर कितने प्रतिशत तक का संशोधन किया जा सकता है और इस संबंध में आधिकारिक फैसला कब तक आ सकता है।

यदि वित्तीय विश्लेषकों और मौजूदा परिस्थितियों के आकलन पर नजर डालें तो सरकार द्वारा डीआर में 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी किए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। अगर सरकार इस 3 प्रतिशत के इजाफे पर अपनी मुहर लगाती है, तो वर्तमान में मिल रही 60 प्रतिशत की महंगाई राहत दर सीधे बढ़कर 63 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी। इसका सीधा और सकारात्मक असर पेंशनर्स की हर महीने मिलने वाली टेक-होम पेंशन राशि पर देखने को मिलेगा और उन्हें बढ़ती महंगाई से निपटने में काफी सहूलियत होगी।
इस संभावित बढ़ोतरी के असर को एक साधारण गणितीय गणना के जरिए आसानी से समझा जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी की मूल पेंशन (बेसिक पेंशन) 30 हजार रुपये प्रतिमाह है, तो 3 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने पर उनकी जेब में हर महीने 900 रुपये की अतिरिक्त राशि आएगी। यह अतिरिक्त आर्थिक सहायता त्योहारों के सीजन में होने वाले घरेलू बजट के प्रबंधन को संतुलित करने में काफी मददगार साबित होगी और पेंशनभोगियों को वित्तीय रूप से थोड़ी राहत जरूर पहुंचाएगी।
ऐतिहासिक आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष 18 अप्रैल को मंजूर की गई आखिरी बढ़ोतरी के तहत महंगाई राहत को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया गया था, जो वर्तमान में प्रभावी है। हालांकि, आर्थिक मापदंडों के आधार पर इस बार भी 3 प्रतिशत के इजाफे का पूरा अनुमान जताया जा रहा है। जानने योग्य बात यह है कि इस संभावित नई दर को 1 जुलाई से प्रभावी माना जाएगा, जिसके निर्धारण के लिए पिछले वर्ष के जुलाई महीने से लेकर इस वर्ष के जून महीने तक के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और महंगाई के आंकड़ों का गहन अध्ययन किया जा रहा है।
समग्र रूप से देखा जाए तो यदि केंद्र सरकार जल्द ही इस बढ़ोतरी का आधिकारिक ऐलान करती है, तो पेंशनभोगियों को न केवल नई दरों के हिसाब से बढ़कर पेंशन मिलेगी, बल्कि बीते महीनों का पेंडिंग एरियर भी एकमुश्त खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। फिलहाल देश भर के लाखों पेंशनर्स सरकार की तरफ से आने वाली आधिकारिक अधिसूचना और बकाया भुगतान की तारीख का इंतजार कर रहे हैं, ताकि त्योहारों के इस माहौल में उन्हें आर्थिक स्तर पर बड़ा संबल मिल सके।