Tamil Nadu Goods Transport Rule: तमिलनाडु ने बदला माल ढोने वाले ट्रकों की जांच का सिस्टम, अब मनमाने तरीके से नहीं रोके जा सकेंगे वाहन

VIKASH KHALKHO

राष्ट्रीय डेस्क। Nishaanebaz.com-Tamil Nadu Goods Transport Rules: देश में माल परिवहन (Goods Transport) को सुगम बनाने और ट्रांसपोर्टरों को बड़ी राहत देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। तमिलनाडु सरकार ने माल ढोने वाले ट्रकों की जांच के पुराने और मनमाने तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। राज्य में घूम-घूमकर कहीं भी ट्रक रोकने वाली ‘रोविंग स्क्वॉड’ (Roving Squad) की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है, और उसकी जगह अब ‘फ्लाइंग स्क्वॉड’ (Flying Squad) का गठन किया गया है, जो सिर्फ और सिर्फ पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर ही वाहनों को रोक सकेगी।

57वीं GST काउंसिल की बैठक के निर्णयों का असर

बीते 8 अक्टूबर को आयोजित 57वीं GST काउंसिल की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था कि रास्ते में मनमाने तरीके से ट्रकों को न रोका जाए। इस बैठक में ई-वे बिल (E-way Bill) के आधार पर माल की जांच और वैरिफिकेशन की प्रक्रिया में सुधार को मंजूरी दी गई थी, ताकि अनावश्यक रोक-टोक पर लगाम लगाई जा सके और विभिन्न राज्यों की सीमाओं के पार माल की आवाजाही पूरी तरह सुगम हो सके। इस नई व्यवस्था को लागू करने वाला तमिलनाडु देश का पहला राज्य बन गया है।

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अब क्या बदल जाएगा और कैसे होगी वाहनों की जांच

 राज्य के वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब किसी भी वाहन को रोकने के लिए कड़े नियम बना दिए गए हैं:

  • वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति अनिवार्य: अब जॉइंट कमिश्नर (खुफिया) के लिखित आदेश और टाइम-स्टैम्प वाली इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस (Electronic Intelligence) के बिना कोई भी स्क्वॉड किसी ट्रक को नहीं रोक सकेगी।

  • कार्यालयों में तैनात रहेंगी टीमें: फ्लाइंग स्क्वॉड की टीमें सड़कों पर घूमने के बजाय अब सीधे संयुक्त आयुक्त (खुफिया) के कार्यालयों में ही तैनात रहेंगी।

  • स्पष्ट अधिकार: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद स्पष्ट किया था कि सामान की जांच या जब्ती का अधिकार केवल सप्लायर राज्य या गंतव्य (डेस्टिनेशन) राज्य के अधिकारी के पास ही होगा। सप्लायर और डेस्टिनेशन राज्य के बीच ट्रांजिट रूट पर कहीं भी वाहन को रोककर मनमाने तरीके से जांच नहीं की जा सकेगी।

इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल माल परिवहन से जुड़े ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों को भारी राहत मिलेगी, बल्कि रास्ते में होने वाली अवैध वसूली और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी अंकुश लग सकेगा। अन्य राज्यों और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की ओर से भी इस दिशा में विस्तृत दिशानिर्देश जल्द आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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