रीवा। Nishaanebaz.com-Sajjan Verma Rewa Statement: मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर हार की समीक्षा और जुबानी तीर चलने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। रीवा प्रवास पर पहुंचे मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने विंध्य अंचल में पार्टी को मिली करारी शिकस्त को लेकर एक बेहद बड़ा और सनसनीखेज बयान दिया है। पूर्व मंत्री ने साफ शब्दों में स्वीकार किया कि विंध्य में उम्मीदवारों का गलत चयन और गलत तरीके से किया गया टिकटों का बंटवारा ही इस क्षेत्र में पार्टी की हार की सबसे बड़ी वजहों में से एक रहा है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने चुनावी मैदान के गणित को समझाते हुए मीडिया के सामने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनाव के दौरान कई बार राजनीतिक दबाव और अंदरूनी सिफारिशों के चलते योग्य व जनाधार वाले नेताओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है और गलत प्रत्याशियों को टिकट थमा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अनुचित फैसलों और राजनीतिक दबाव का सीधा खामियाजा पार्टी को चुनाव के नतीजों में हार के रूप में भुगतना पड़ता है। उनके इस बेबाक बयान के बाद से ही विंध्य में पार्टी के केंद्रीय व प्रदेश स्तर के रणनीतिकारों और फैसला लेने वाले नेताओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
रीवा में सज्जन सिंह वर्मा का बड़ा बयान, बोले- विंध्य में गलत टिकट वितरण कांग्रेस की हार की बड़ी वजह।
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रीवा पहुंचे सज्जन वर्मा के इस बयान ने मध्य प्रदेश कांग्रेस के भीतर चुनावी रणनीति और आंतरिक गुटबाजी को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। विंध्य अंचल, जो कभी कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था, वहां पार्टी को लगातार अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि जमीनी स्तर के सर्वे और निष्ठावान नेताओं के बजाय प्रभाव का इस्तेमाल कर टिकट हासिल करने वाले चेहरों के कारण आम मतदाताओं के बीच गलत संदेश गया, जिसका असर मतदान प्रतिशत और नतीजों पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
पूर्व मंत्री के इस सीधे हमले के बाद संगठन के भीतर और राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। उनके इस आत्मनिरीक्षण वाले बयान ने जहां एक तरफ विपक्ष को कांग्रेस पर हमला बोलने का मौका दे दिया है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं के उस असंतोष को भी मंच दे दिया है जो लंबे समय से टिकट वितरण प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे थे। अब देखना यह होगा कि इस तरह के बड़े बयानों के बाद पार्टी आलाकमान विंध्य क्षेत्र में संगठन को फिर से खड़ा करने और आगामी चुनावों के लिए क्या सुधारात्मक कदम उठाता है।