सतना। Nishaanebaz.com-Satna Lokayukta Trap: मध्य प्रदेश के सतना जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। लोकायुक्त रीवा की टीम ने नगर निगम के एक सुपरवाइजर को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। आरोपी सुपरवाइजर द्वारा एक सफाईकर्मी की हाजिरी रजिस्टर में सही उपस्थिति दर्ज करने के एवज में अवैध वसूली की जा रही थी। लोकायुक्त टीम ने बिरला हॉस्पिटल के पास इस ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे निगम कार्यालय और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
कम हाजिरी दर्ज कर मांगी जा रही थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सतना के महात्मा गांधी वार्ड निवासी 33 वर्षीय राजकिशोर समुंद्रे नगर निगम में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता का मुख्य आरोप था कि सितंबर महीने में उन्होंने लगातार 25 दिन तक पूरी ईमानदारी से काम किया था, लेकिन रजिस्टर में उनकी हाजिरी कम दर्ज की गई थी। जब उन्होंने इस संबंध में निगम के सुपरवाइजर बालकृष्ण आदिवासी से मुलाकात की, तो उपस्थिति सुधारने और हाजिरी दर्ज करने के नाम पर कथित तौर पर 3 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई। शिकायत के गोपनीय सत्यापन के दौरान ही आरोपी द्वारा पहले ही 1 हजार रुपये लिए जाने का खुलासा हो चुका था। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर यह ट्रैप कार्रवाई की गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी बालकृष्ण आदिवासी (30 वर्ष) मूल रूप से रीवा जिले की जवा तहसील के अंतर्गत ग्राम लोनी (पोस्ट कोटवा) का रहने वाला है, जो वर्तमान में सतना के हनुमान नगर नई बस्ती में किराए के मकान में रह रहा था। लोकायुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
लोकायुक्त संगठन रीवा की इस सफल ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में ट्रैपकर्ता अधिकारी निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया व अन्य सदस्य शामिल रहे। लोकायुक्त प्रशासन ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी भी कार्य के एवज में रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत लोकायुक्त रीवा के आधिकारिक मोबाइल नंबर 98936 07619 पर दर्ज कराएं, ताकि ऐसे भ्रष्ट तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।