Kolkata Chorebagan Stampede: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में महासप्तमी की रात हुई भगदड़ ने उत्सव को मातम में बदल दिया। हादसे में 20 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि 25 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में दो बच्चों के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है। घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए और घायलों से मुलाकात करने की बात कही। वहीं, हादसे की जांच के बीच पूजा समिति के आयोजकों समेत 12 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है।
चोरबागान पंडाल में भगदड़ की खबर मिलने के बाद अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि हादसे में लोगों के हताहत होने की खबर बेहद दुखद है। शाह ने पश्चिम बंगाल में अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थगित करने और अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात करने की बात कही।
20 लोगों की मौत, छह मृतकों की पहचान
हादसे के बाद मृतकों की पहचान करने की प्रक्रिया तेज की गई। सामने आई जानकारी के मुताबिक, छह मृतकों की पहचान श्रीपर्णा पोद्दार, आरती सरकार विश्वास, प्रिया समद्दर, मिठू पाल, तानिया विश्वास और शुभम सोनकर के रूप में बताई गई है। बाकी मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी रहने की जानकारी है।घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या की प्रशासनिक पुष्टि जरूरी है।
पंडाल में घोषणा के बाद मची अफरा-तफरी?
मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, रात करीब 8:20 बजे एसीपी से मिली सूचना में बताया गया कि पंडाल में माइक पर एक घोषणा के बाद अचानक भीड़ में अफरा-तफरी फैल गई। हालांकि, भगदड़ की वास्तविक वजह और पंडाल के ढांचे से जुड़ी आशंकाओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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पूजा समिति के आयोजकों समेत 12 लोग गिरफ्तार
हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूजा समिति के पांच मुख्य आयोजकों समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और स्वास्थ्य मंत्री के अस्पताल तथा घटनास्थल पहुंचने की भी खबर है। अब जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि पंडाल में भीड़ नियंत्रण, आपात निकास और सुरक्षा इंतजामों में कहां चूक हुई।
आपात इंतजामों पर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवकों की मौजूदगी के बावजूद पर्याप्त एम्बुलेंस और आपातकालीन व्यवस्था नहीं थी। उनका कहना है कि कई घायलों को स्थानीय लोगों ने अपने वाहनों से अस्पताल पहुंचाया। ये आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी जरूरी है। जांच में आपात सेवाओं की उपलब्धता और राहत कार्य शुरू होने के समय की भी पड़ताल अहम होगी।
13 साल की बच्ची की मौत से परिवार में मातम
हादसे में अगरपारा से अपने माता-पिता के साथ दुर्गा पूजा देखने आई 13 वर्षीय प्रांजल की मौत की जानकारी भी सामने आई है। उसके चाचा ने अस्पताल पहुंचने के बाद शवों की लंबी कतारें देखने की बात कही। यह घटना उन परिवारों के दर्द को सामने लाती है, जिनके लिए पूजा की खुशियां अचानक गहरे सदमे में बदल गईं।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह
चोरबागान हादसे ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि भगदड़ कैसे शुरू हुई, आपातकालीन इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं और हादसे के लिए किन लोगों की जिम्मेदारी बनती है।