अजय देवगन के जुहू बंगले पर BMC की बड़ी कार्रवाई, बिना मंजूरी हो रहे निर्माण पर चला हथौड़ा!

Rahul Goshwami

Ajay Devgn House BMC Action: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क-  बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन का मुंबई के जुहू स्थित बंगला निर्माण कार्य को लेकर चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बंगले में कथित तौर पर बिना जरूरी मंजूरी किए जा रहे निर्माण के कुछ हिस्सों को तोड़ दिया है। नगर निगम ने इससे पहले निर्माण रोकने और जरूरी दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए थे। मामला बंगले के व्यावसायिक इस्तेमाल और उसमें किए जा रहे बदलावों से जुड़ा है।

रिपोर्ट के अनुसार, BMC ने मुंबई महानगरपालिका अधिनियम की धारा 354A के तहत नोटिस जारी किया था। इसमें काम रोकने और निर्धारित समय के भीतर जरूरी मंजूरी से जुड़े दस्तावेज देने को कहा गया था। आरोप है कि नोटिस के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। इसके बाद नगर निगम ने बंगले के कुछ हिस्सों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की।

जुहू की कपोल सोसाइटी में है बंगला
अजय देवगन का यह बंगला जुहू की कपोल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में स्थित बताया गया है। इसका क्षेत्रफल करीब 7,802 वर्ग फीट है। रिपोर्ट के मुताबिक, देवगन परिवार ने अगस्त 2026 में इस संपत्ति को फ्लोरियन ह्यूरेल सैलून प्राइवेट लिमिटेड को पांच साल की लीज पर दिया था। इसके लिए करीब ₹10.61 करोड़ का लीज समझौता होने और शुरुआती मासिक किराया ₹16 लाख तय किए जाने की जानकारी सामने आई है।
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सैलून के इस्तेमाल के लिए अंदर बदलाव का मामला
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बंगले को सैलून और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा था। इस दौरान अंदर की दीवारों, खिड़कियों और अन्य हिस्सों में बदलाव किए गए। आरोप है कि इन कामों के लिए BMC के संबंधित विभाग से जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी।निर्माण की अनुमति, संपत्ति के इस्तेमाल और किए गए बदलावों की वैधता इस विवाद के अहम पहलू हैं। इन मामलों में अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों और नगर निगम के रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकती है।

सोसाइटी ने कमर्शियल इस्तेमाल पर उठाए सवाल
इस मामले में हाउसिंग सोसाइटी की आपत्ति भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, बंगले को लीज पर देने के लिए सोसाइटी से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) मांगा गया था। 22 जुलाई 2026 के एक पत्र में वीना वीरेंद्र देवगन और अजय देवगन को संपत्ति का सदस्य और कानूनी मालिक बताया गया तथा लीज पर देने पर आपत्ति नहीं होने की बात कही गई।हालांकि, सोसाइटी का पक्ष है कि यह अनुमति संपत्ति को लीज पर देने तक सीमित थी। इसे आवासीय उपयोग से व्यावसायिक उपयोग में बदलने या इमारत की संरचना और सेवाओं से जुड़े बदलावों की स्पष्ट मंजूरी इसमें शामिल नहीं थी।

अब किन बातों पर रहेगी नजर?
इस मामले में मुख्य सवाल यह है कि बंगले में किए गए निर्माण के लिए कौन-कौन सी मंजूरियां जरूरी थीं और क्या वे ली गई थीं। साथ ही, सोसाइटी की अनुमति और BMC के नियमों के बीच क्या अंतर है, यह भी दस्तावेजों से स्पष्ट होगा।फिलहाल मीडिया रिपोर्ट में नगर निगम की कार्रवाई और निर्माण को लेकर आपत्तियों की जानकारी सामने आई है। अजय देवगन या उनकी ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध हो तो उसे भी खबर में शामिल करना जरूरी होगा।

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