गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा/रायगढ़। Nishaanebaz.com-Gharghoda Corruption Scandal: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाला घरघोड़ा विकासखंड इन दिनों विकास कार्यों के बजाय चौतरफा भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और दलाली प्रथा के गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। क्षेत्र में कथित छुटभैये नेताओं, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय स्तर पर जमे लापरवाह कर्मचारियों की साठगांठ के चलते सरकारी योजनाओं और विभिन्न निर्माण मदों की राशि के बंदरबांट का खेल खुलेआम चल रहा है, जिससे ग्रामीण अंचल में भारी रोष व्याप्त है।
कमीशनखोरी और दलाली प्रथा का नया आयाम
क्षेत्रीय सूत्रों और शिकायतों के मुताबिक, घरघोड़ा क्षेत्र में प्रशासनिक उपेक्षा का फायदा उठाकर विभिन्न मदों की स्वीकृत राशि के नाम पर 5% से 10% तक की अवैध वसूली का गोरखधंधा फल-फूल रहा है। स्थिति यह है कि ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को भी इस दलाली प्रथा का शिकार होना पड़ रहा है। विकास कार्यों में भारी धांधली और बिना भौतिक सत्यापन के बिल-वाउचर पास कराने के खेल ने क्षेत्र की प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
मुख्यालय से नदारद रहने वाले स्थानीय कर्मचारियों का मनमाना राज
सबसे हैरानी की बात यह है कि घरघोड़ा के विभिन्न शासकीय विभागों में पदस्थ अधिकांश कर्मचारी स्थानीय क्षेत्र के ही मूल निवासी हैं, जिससे उनकी मनमानी और अधिक बढ़ गई है। ये कर्मचारी अक्सर अपने कार्यालयों और मुख्यालय से नदारद रहते हैं, जिससे आम जनता और जरूरतमंद ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी चक्कर काटने पड़ते हैं। पंचायतों में सरपंच और सचिव स्तर पर होने वाली वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें लगातार प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचती रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
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शिकायतों के अंबार पर केवल ‘लीपापोती’ का खेल
ग्रामीणों द्वारा समय-समय पर विभिन्न मंचों और अधिकारियों के समक्ष भ्रष्टाचार के पुख्ता प्रमाणों के साथ शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारी मामलों की गंभीरता को दरकिनार कर जांच के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी कर लेते हैं। फाइलों की लीपापोती कर भ्रष्टाचारियों को क्लीन चिट दिए जाने के कारण कर्मियों के हौसले बुलंद हैं। जनता अब यह सवाल पूछने लगी है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी या प्रशासनिक पतन के बाद ही नींद से जागेगा, या इन भ्रष्ट तंत्रों पर लगाम कसने के लिए कोई सख्त कदम उठाया जाएगा।
