Gardening Tips: सर्दियों में पालक का साग, पराठा या पालक पनीर खाने का अपना ही मजा है। अगर आप भी घर पर ताजी पालक उगाना चाहते हैं, तो इसके लिए बड़े बगीचे की जरूरत नहीं है। बालकनी में रखा एक गमला या ग्रो बैग भी आपके काम आ सकता है। सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और नियमित देखभाल से पालक के पौधे अच्छी तरह बढ़ सकते हैं। अनुकूल मौसम में बुवाई के करीब 4 से 6 हफ्ते बाद पत्तियां तोड़ने लायक हो जाती हैं। आइए जानते हैं पालक उगाने के 5 आसान स्टेप्स।
सही मौसम और गमला चुनें
पालक ठंडे मौसम में अच्छी तरह बढ़ती है। उत्तर भारत में अक्टूबर से फरवरी तक इसे उगाने का समय अच्छा माना जाता है। इसके लिए 6 से 8 इंच गहरा गमला या ग्रो बैग चुनें। ध्यान रखें कि उसके निचले हिस्से में पानी निकलने के लिए छेद हों। पौधे ऐसी जगह रखें, जहां रोजाना करीब 4 से 6 घंटे धूप मिल सके।
पोषक मिट्टी तैयार करें
पालक की अच्छी बढ़वार के लिए मिट्टी का भुरभुरा होना और उसमें पानी की निकासी अच्छी होना जरूरी है। इसके लिए बगीचे की मिट्टी, वर्मीकम्पोस्ट और कोकोपीट को बराबर मात्रा में मिलाकर मिश्रण तैयार कर सकते हैं। पुरानी मिट्टी इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसमें अच्छी तरह सड़ी जैविक खाद मिलाएं। ताजी गोबर की खाद डालने से बचें।
सही तरीके से बोएं बीज
पालक के बीज किसी भरोसेमंद नर्सरी या दुकान से लें। गमले की मिट्टी में करीब आधा इंच गहरी कतारें बनाकर बीज डालें। बीजों के बीच 2 से 3 इंच की दूरी रखें और ऊपर से मिट्टी की पतली परत डाल दें। अब पानी का हल्का छिड़काव करें। मौसम और नमी अनुकूल होने पर आमतौर पर 6 से 10 दिनों में अंकुर निकलने लगते हैं।
पानी और धूप का रखें ध्यान
बीज बोने के बाद मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें। मिट्टी सूखने लगे, तभी पानी दें। गमले में पानी जमा रहने से जड़ें खराब हो सकती हैं। पौधों को पर्याप्त रोशनी वाली जगह पर रखें। जरूरत पड़ने पर थोड़ी जैविक खाद दें, लेकिन उसकी मात्रा और इस्तेमाल के निर्देशों का ध्यान रखें।
पत्तियां तोड़ने का सही तरीका
जब पौधे थोड़े बड़े हो जाएं, तो कमजोर और बहुत घने पौधों को हटा दें। इससे बाकी पौधों को फैलने की जगह मिलेगी। बुवाई के करीब 30 से 45 दिनों बाद, मौसम और किस्म के अनुसार, पालक की पत्तियां कटाई के लिए तैयार हो सकती हैं। बाहरी और बड़ी पत्तियों को साफ कैंची से काटें, जबकि बीच की छोटी पत्तियों को बढ़ने दें। इससे पौधे से नई पत्तियां निकलती रह सकती हैं।
पालक उगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
पत्तियों के नीचे कीड़ों या धब्बों पर नजर रखें और प्रभावित पत्तियों को हटा दें। पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखें, ताकि हवा का आवागमन बना रहे। कटाई के बाद पालक को बहते साफ पानी में अच्छी तरह धोएं। सही देखभाल से बालकनी में उगी ताजी पालक आपकी रसोई के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
