Gharghoda Panchayat Scam: नाली निर्माण में किराना दुकान का बिल और सीसी रोड का भुगतान जनरल स्टोर्स को! पंचायत के वित्तीय गोलमाल से मचा हड़कंप

VIKASH KHALKHO

गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा/रायगढ़। Nishaanebaz.com-Gharghoda Panchayat Construction Scam: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले घरघोड़ा क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और बुनियादी सुविधाओं के लिए आने वाली सरकारी राशि का किस तरह से दुरुपयोग किया जा रहा है, इसकी बानगी यहां के एक ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यों में देखने को मिली है। पंचायत में कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों के बिल-वाउचर और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर जो खुलासे सामने आए हैं, उन्होंने प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है।

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किराना और कपड़ा दुकानों से हो रही निर्माण सामग्री की ‘खरीदी’!

सूत्रों से प्राप्त पुष्ट जानकारी के अनुसार, पंचायत क्षेत्र में कागजों पर दौड़ रहे विकास कार्यों के बिल बेहद अजीबो-गरीब फर्मों के नाम पर लगाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि:

  • नाली निर्माण में उपयोग की जाने वाली निर्माण सामग्री के भुगतान के नाम पर एक किराना दुकान का बिल लगाया गया है।

  • मंच निर्माण और सामुदायिक भवन के कार्यों में सामग्री खरीदी के एवज में एक कपड़ा दुकान के बिल संलग्न किए गए हैं।

  • वहीं, सीसी रोड निर्माण के नाम पर भारी-भरकम राशि का भुगतान किसी हार्डवेयर या निर्माण सामग्री विक्रेता की बजाय एक जनरल स्टोर्स को किए जाने की जानकारी सामने आई है।

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जांच के दायरे में ये बड़े सवाल

सामने आए इन दस्तावेजों और दावों के बाद अब ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बिना सामग्री की वास्तविक आपूर्ति के इस तरह के फर्जी बिलों के आधार पर भुगतान कैसे जारी कर दिया गया। जांच के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  1. क्या नाली, सामुदायिक भवन, मंच और सीसी रोड निर्माण के लिए स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार ही सामग्री खरीदी गई?

  2. संबंधित किराना और कपड़ा दुकानों से वास्तव में किस प्रकार की सामग्री की आपूर्ति की गई और उसका भौतिक सत्यापन किसने किया?

  3. क्या बिना माप पुस्तिका (MB) और कार्य की प्रगति का मिलान किए ही संबंधित अधिकारियों ने आंख मूंदकर भुगतान संस्वीकृत कर दिया?

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निष्पक्ष जांच और बड़ी कार्रवाई की मांग

क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और जानकारों का कहना है कि यदि इन मामलों की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, तो सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले एक बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और जिला पंचायत के वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। पंचायत के सभी निर्माण कार्यों के भौतिक सत्यापन, बिल-वाउचर, सामग्री आपूर्ति प्रमाण और भुगतान विवरणों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कागजी आंकड़ों और जमीनी हकीकत में कितना अंतर है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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