Prema Sai Maharaj: दिव्य दरबार की अनुमति नहीं मिली तो अन्न त्याग कर धरने पर बैठेंगे प्रेमा साईं महाराज: प्रशासन पर भेदभाव का आरोप

Sanjay Sahu
Prema Sai Maharaj

मुख्यमंत्री और सरकार के खिलाफ नहीं, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल संतों ने पूछा—बागेश्वर धाम को अनुमति तो हमें क्यों नहीं..?

Prema Sai Maharaj: रायपुर। दिव्य दरबार और प्रेत दरबार के आयोजन को लेकर अनुमति का मुद्दा गरमा गया है। माँ मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर डॉ प्रेमा साईं जी महाराज ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि धार्मिक आयोजनों को लेकर भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब बागेश्वर धाम के कार्यक्रमों में दिव्य दरबार और प्रेत दरबार आयोजित किए जाते हैं, तब कोई आपत्ति नहीं जताई जाती और कार्यक्रमों पर रोक नहीं लगाई जाती। ऐसे में स्थानीय संतों को इसी तरह के धार्मिक आयोजन की अनुमति देने में आपत्ति क्यों है..?

Prema Sai Maharaj: महाराज जी ने स्पष्ट कहा कि 24 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक अवधपुरी मैदान गुड़िहारी में यदि पहली बार दिव्य दरबार आयोजित करने में प्रशासन को कोई परेशानी है, तो वे इस बार अनुमति नहीं मिलने की स्थिति को स्वीकार कर सकते हैं। लेकिन भविष्य में नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। यदि एक संत को इस प्रकार के आयोजन की अनुमति दी जाती है, तो दूसरे संतों के साथ भी समान व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर संतों को रोकने का प्रयास क्यों किया जा रहा है और इस तरह का भेदभाव क्यों किया जा रहा है ?

अनुमति नहीं मिली तो अन्न त्याग कर करेंगे आंदोलन

महाराज जी ने चेतावनी दी कि यदि दिव्य दरबार के आयोजन की अनुमति नहीं मिली, तो वे उसी स्थान पर अन्न त्याग कर अनशन पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक आयोजन में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में लगभग 35 से 40 हजार श्रद्धालु शामिल हो सकते हैं। ऐसे में अनुमति को लेकर प्रशासन के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं। महाराज जी ने कहा कि उनका आंदोलन सरकार या मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं होगा, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली के विरोध में होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री अच्छे हैं और सरकार भी अच्छी है। मुख्यमंत्री से उनकी भेंट भी हुई है और मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें आश्वासन भी मिला है।

मुख्यमंत्री और सरकार को बदनाम करने का प्रयास करने का आरोप

Prema Sai Maharaj: महाराज जी ने कहा कि धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाने या अनुमति के मामले में भेदभाव किए जाने से सरकार और मुख्यमंत्री की छवि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस तरह की परिस्थितियां पैदा कर मुख्यमंत्री का नाम खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री या सरकार का विरोध करना नहीं, बल्कि प्रशासन से समानता और निष्पक्षता की मांग करना है। उनका कहना है कि धार्मिक आयोजनों की अनुमति के मामले में सभी संतों और आयोजकों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस मामले में स्पष्ट निर्णय लिया जाए, ताकि किसी भी संत या धार्मिक आयोजन के साथ भेदभाव की स्थिति पैदा न हो। अब देखना होगा कि प्रशासन दिव्य दरबार की अनुमति को लेकर क्या निर्णय लेता है और इस विवाद का समाधान किस प्रकार निकलता है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *