गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा। Nishaanebaz.com-Disaster Risk Reduction Day: अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर शहीद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ से सम्बद्ध शासकीय डॉ. भंवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय घरघोड़ा में एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश तिर्की तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के कार्यक्रम अधिकारी एस.एल. साहू के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य छात्र-छात्राओं को प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप, सूखा, आगजनी तथा चक्रवात से बचाव के व्यावहारिक तरीकों से अवगत कराना और उनमें आपदा प्रबंधन के प्रति आवश्यक सतर्कता बढ़ाना था।
समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर एसईसीएल छाल ओसीएम के माईनिंग सरदार सतीश कुमार गौर, एसईसीएल बरौद के सीनियर ओवरमैन रामू राम और राकेश साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने अतिथियों का स्वागत हस्तनिर्मित आकर्षक पुष्प गुच्छ भेंट कर आत्मीयता से किया। अतिथियों और विशेषज्ञों ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपात स्थिति में सही समय पर ली गई सटीक जानकारी और सतर्कता ही जनधन की हानि को रोक सकती है।
कार्यक्रम के दौरान आमंत्रित विषय विशेषज्ञों ने आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं पर गहराई से जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अनहोनी या आपदा के समय घबराने के बजाय सबसे पहले स्वयं को सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहिए और फिर धैर्य के साथ दूसरों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। इस अवसर पर एसईसीएल के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में किसी व्यक्ति की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण सीपीआर (CPR) तकनीक का सजीव प्रदर्शन कर प्रशिक्षण दिया, साथ ही प्राथमिक चिकित्सा से जुड़ी कई अन्य महत्वपूर्ण सावधानियां भी बताईं।
कार्यक्रम में माय भारत अभियान के वालेंटियर ठाकुर शशिभूषण, पवन कुमार राठिया और नवीन सिदार की भी सक्रिय उपस्थिति रही। उन्होंने उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए भारत द्वारा अतीत में झेली गई प्लेग और हालिया कोरोना महामारी पर विजय पाने के उदाहरण पेश किए। उन्होंने कहा कि मानव इतिहास गवाह है कि जब भी कोई बड़ी आपदा या स्वास्थ्य संकट आता है, तो केवल धैर्य, सही रणनीति और साहस ही संकट से उबरने में सबसे बड़ा माध्यम बनते हैं।
कार्यशाला के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों को समाज में किसी भी प्राकृतिक या अप्राकृतिक आपदा के दौरान ‘प्रथम सहयोगी’ की भूमिका निभाने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समय पर पहुंचाई गई थोड़ी सी मदद भी किसी का जीवन बचा सकती है। पूरे कार्यक्रम के दौरान “आपदा से डरना नहीं, सतर्क रहकर सामना करना है” का संदेश गूंजता रहा।
समारोह का मंच संचालन स्वीप प्रभारी रामप्यारे सूर्यवंशी ने कुशलतापूर्वक संपन्न कराया। इस आयोजन में महाविद्यालय परिवार के सदस्य दीपक ठाकुर, मोहित सिदार, मोनिका लकड़ा, भारती साहू, पद्मिनी भोय, दुर्गेश स्वर्णकार, रजनी सिदार, नैना टोप्पो, वंदना पोर्ते, रिचा मिंज और प्रियंका यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से छोटू, रूपेश, शनी, शंकर, बजरंग सागर, क्षीरसागर, पूजा, बिंदिया, ईशा, कस्तूरी, किरण, सुप्रिया, संध्या, सुमन, दुर्गेश नंदिनी, यामिनी, शशिकला, पूज मरावी, केशरी, भवानी शंकर, करन और त्रिलोचन ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
