शहडोल। Nishaanebaz.com-Shahdol Girls Walk 16 KM To Collector: देश के बड़े महानगरों की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में भी नई पीढ़ी यानी Gen Alpha का आक्रामक और मुखर तेवर देखने को मिल रहा है। छात्र-छात्राएं अब पारंपरिक तरीके से शिकायतें भेजने के बजाय अपनी समस्याओं को लेकर सीधे सड़कों पर उतरने लगे हैं। ताजा मामला शहडोल जिले के गोहपारू स्थित माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर का है, जहां भोजन, शिक्षा और जर्जर भवन जैसी बुनियादी समस्याओं से तंग आकर 32 छात्राएं सुबह तड़के करीब 4 बजे ही हॉस्टल से बाहर निकल पड़ीं और लगभग 16 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी गुहार लेकर सीधे कलेक्टर के पास पहुंच गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोहपारू स्थित यह कन्या शिक्षा परिसर वर्तमान में एक किराए के छोटे भवन में संचालित हो रहा है। यहाँ छात्राओं की संख्या क्षमता से अधिक है, जिसके कारण टॉयलेट, पानी, पठन-पाठन और खानपान को लेकर भारी असुविधा बनी हुई थी। कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बावजूद जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो छात्राओं ने अहले सुबह छात्रावास से निकलकर कलेक्ट्रेट की ओर पैदल मार्च करने का बड़ा कदम उठाया। अधिकारियों और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का यह अनूठा और साहसिक तरीका शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
खास बात यह है कि पिछले दो महीनों के भीतर शहडोल संभाग में इस तरह की यह पांचवीं बड़ी घटना है। इससे पहले जैतपुर क्षेत्र के विरौड़ी स्थित एकलव्य छात्रावास में भी 150 से अधिक छात्रों और छात्राओं द्वारा दीवार लांघकर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के मामले सामने आ चुके हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों के संचालन में बरती जा रही लापरवाही की कलई खुल गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक आयुक्त आनंद राय सिन्हा ने बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया और तुरंत तीन गाड़ियां भेजकर सभी 32 बच्चियों को सुरक्षित वापस हॉस्टल लाया गया। सुबह 7:30 बजे उनकी काउंसलिंग की गई। उन्होंने स्वीकार किया कि किराए के भवन में जगह कम होने के कारण बुनियादी सुविधाओं की किल्लत है और गोहपारू में नए भवन का निर्माण अभी स्वीकृत नहीं हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भोजन व्यवस्था की कमियों को तत्काल दूर किया जा रहा है और बच्चियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी, अलबत्ता इस बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों और प्रबंधन के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

