MP News: भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर रेजिडेंट, पीजी और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए स्टाइपेंड बढ़ोतरी की खबर सामने आई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, डॉक्टरों को अब पहले की तुलना में अधिक मासिक मानदेय मिलेगा। दी गई जानकारी के मुताबिक, बढ़ी हुई दरें अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। इससे प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं दे रहे डॉक्टरों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
पीजी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में कितनी बढ़ोतरी?
नई दरों के अनुसार, पीजी के तीनों वर्षों के डॉक्टरों के मासिक स्टाइपेंड में संशोधन किया गया है। पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टरों को पहले ₹77,662 मिलते थे, जिन्हें बढ़ाकर ₹81,126 प्रतिमाह कर दिया गया है। इसी तरह पीजी द्वितीय वर्ष का स्टाइपेंड ₹80,050 से बढ़कर ₹83,620 और पीजी तृतीय वर्ष का स्टाइपेंड ₹82,441 से बढ़कर ₹86,118 प्रतिमाह हो गया है।
इस बढ़ोतरी के बाद पीजी डॉक्टरों को हर महीने अतिरिक्त राशि मिलेगी। ये डॉक्टर मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण के साथ मरीजों के उपचार और अस्पतालों की विभिन्न चिकित्सा सेवाओं में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
सीनियर रेजिडेंट को मिलेंगे ₹94,853
स्टाइपेंड में बढ़ोतरी के बाद सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का मासिक मानदेय ₹90,803 से बढ़कर ₹94,853 हो गया है। यानी उन्हें हर महीने ₹4,050 अतिरिक्त मिलेंगे।वहीं, जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड ₹63,324 से बढ़ाकर ₹66,148 प्रतिमाह किया गया है। इस श्रेणी के डॉक्टरों को अब हर महीने ₹2,824 अधिक मिलेंगे।
अप्रैल 2026 से लागू होंगी नई दरें
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संशोधित स्टाइपेंड दरें अप्रैल 2026 से लागू होंगी। ऐसे में पात्र डॉक्टरों को नई दरों के आधार पर भुगतान किया जाएगा। यदि संशोधित राशि का भुगतान बाद में होता है, तो एरियर के संबंध में विभागीय आदेश और भुगतान प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
स्टाइपेंड में बढ़ोतरी से मेडिकल कॉलेजों में काम कर रहे डॉक्टरों को अपने दैनिक खर्चों और प्रशिक्षण से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, नई दरों और भुगतान की अंतिम स्थिति की पुष्टि चिकित्सा शिक्षा विभाग के आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए।

