मध्य प्रदेश में धान, ज्वार और बाजरा की फसल समर्थन मूल्य पर बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए आज का दिन अहम है। पंजीयन कराने की निर्धारित अंतिम तारीख आज है। ऐसे में जिन किसानों ने अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उन्हें समय रहते प्रक्रिया पूरी करनी होगी, ताकि सरकारी खरीद व्यवस्था के तहत अपनी उपज बेचने का अवसर न छूटे।
6.80 लाख से ज्यादा किसानों का पंजीयन
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस सीजन में अब तक प्रदेश के करीब 6.80 लाख किसान समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें धान उत्पादकों की संख्या सबसे अधिक है। करीब 6.77 लाख किसानों ने धान के लिए पंजीयन कराया है, जबकि लगभग 13 हजार किसान ज्वार और बाजरा जैसी मोटे अनाज की फसलों के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
इस बार AgriStack ID क्यों जरूरी?
इस सीजन की पंजीयन व्यवस्था में AgriStack ID को अनिवार्य किया गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों की पहचान और उनकी कृषि भूमि से जुड़ी जानकारी का डिजिटल सत्यापन करना है। इसके जरिए जमीन के रकबे का रिकॉर्ड जांचने में मदद मिलेगी और पंजीयन के दौरान गलत जानकारी दर्ज होने की आशंका कम होगी।
फर्जी पंजीयन पर लगेगी लगाम
समर्थन मूल्य पर खरीदी की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन होने से गलत रकबा दिखाकर सरकारी खरीद का अनुचित लाभ लेने के मामलों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है। इससे वास्तविक किसानों तक सरकारी योजना का लाभ पहुंचाने और बिचौलियों की भूमिका सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
किसानों को क्या करना चाहिए?
जिन किसानों ने अब तक पंजीयन नहीं कराया है, उन्हें अंतिम तारीख को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। रजिस्ट्रेशन के दौरान आवश्यक दस्तावेज और AgriStack ID से जुड़ी जानकारी तैयार रखें। किसी तरह की परेशानी होने पर किसान संबंधित पंजीयन केंद्र या कृषि विभाग से जानकारी ले सकते हैं।

