Skin Care: चेहरे पर पिंपल्स, लालिमा और दाग-धब्बे होना काफी आम है। ऐसे में कई लोग महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के बजाय घर में मौजूद चीजों से आसान उपाय तलाशते हैं। फलों और सब्जियों के छिलके भी इसी लिस्ट में शामिल हैं। इनमें कुछ एंटीऑक्सीडेंट और दूसरे प्राकृतिक कंपाउंड पाए जाते हैं।
संतरे का छिलका
संतरे के छिलके में विटामिन C समेत कई प्लांट कंपाउंड पाए जाते हैं। अगर इसे स्किनकेयर में शामिल करना चाहते हैं तो साफ छिलकों को अच्छी तरह सुखाकर बारीक पाउडर बनाया जा सकता है। इस पाउडर को थोड़े दही या किसी साधारण फेस पैक के साथ मिलाकर लगाया जा सकता है। जलन या खुजली होने पर तुरंत धो दें।
केले का छिलका
केले के छिलके के अंदरूनी हिस्से को चेहरे पर लगाने का घरेलू चलन है। इसमें कुछ एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड पाए जाते हैं, लेकिन मुहांसों की सूजन या दाग कम करने के लिए इसके प्रभाव के पर्याप्त मजबूत प्रमाण नहीं हैं। अगर इस्तेमाल करना चाहें तो पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर इसे आजमाएं और चेहरे पर जोर से न रगड़ें।
नींबू के छिलके से रहें सावधान
नींबू के छिलके में प्राकृतिक एसिड और सुगंधित तेल होते हैं, लेकिन इसे सीधे चेहरे पर लगाना हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है। इससे जलन, रूखापन या धूप के प्रति संवेदनशीलता बढ़ सकती है। खासकर संवेदनशील या पहले से irritated त्वचा पर नींबू से बने घरेलू नुस्खों से बचना बेहतर है।
आलू का छिलका
आलू के छिलके को चेहरे पर लगाने का घरेलू नुस्खा काफी लोकप्रिय है, लेकिन डार्क स्पॉट या मुहांसों को ठीक करने के इसके दावों के लिए मजबूत क्लिनिकल प्रमाण सीमित हैं। अगर इसे आजमाएं भी तो चेहरे पर रगड़ने के बजाय साफ छिलके का छोटा हिस्सा त्वचा पर थोड़ी देर लगाकर देखें।
सेब का छिलका
सेब के छिलके में एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड पाए जाते हैं। इसे पीसकर फेस पैक में मिलाने का तरीका घरेलू स्किनकेयर में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इससे पिंपल्स या दाग निश्चित रूप से कम होंगे, ऐसा दावा नहीं किया जा सकता। चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।
खीरे का छिलका
खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है और ठंडा खीरे का छिलका त्वचा को कुछ देर के लिए ठंडक दे सकता है। चेहरे पर लगाने से पहले इसे अच्छी तरह धो लें और बिना जोर लगाए त्वचा पर लगाएं। अगर पिंपल्स लगातार हो रहे हैं या दाग बढ़ रहे हैं, तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
पैच टेस्ट जरूरी
प्राकृतिक चीज होने का मतलब यह नहीं कि वह हर त्वचा के लिए सुरक्षित होगी। किसी भी छिलके या घरेलू फेस पैक को पहले हाथ या कान के पीछे छोटे हिस्से पर टेस्ट करें। जलन, खुजली, सूजन या लालिमा दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल न करें। पिंपल्स के इलाज के लिए प्रमाणित स्किनकेयर और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह ज्यादा भरोसेमंद विकल्प है।






