Tips and Tricks: घर में गुलाब का पौधा लगाने के लिए हर बार नर्सरी से नया पौधा खरीदना जरूरी नहीं है। अगर आपके पास पहले से स्वस्थ गुलाब का पौधा है, तो उसकी एक अच्छी टहनी से नई कटिंग तैयार की जा सकती है। हालांकि, कटिंग से जड़ें बनना कई बातों पर निर्भर करता है। सही टहनी, मिट्टी में नमी, जल निकासी, मौसम और रोशनी का इसमें अहम योगदान रहता है। अगर आप गुलाब को कटिंग से उगाने की कोशिश करना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें।
सही कटिंग चुनें
सबसे पहले गुलाब के स्वस्थ पौधे से करीब 10 से 15 सेंटीमीटर लंबी टहनी चुनें। बहुत ज्यादा नरम नई शाखा या बेहद पुरानी और सख्त लकड़ी जैसी टहनी लेने से बचें। कटिंग पर किसी तरह के काले धब्बे, कीड़े, सड़न या बीमारी के निशान नहीं होने चाहिए।
साफ और धारदार कैंची से टहनी काटें। इसके निचले हिस्से की पत्तियां हटा दें और ऊपर दो-तीन पत्तियां रहने दें। नीचे की तरफ हल्का तिरछा कट लगाने से कटिंग को मिट्टी में लगाने में आसानी होगी।
मिट्टी कैसी रखें?
कटिंग के लिए ऐसी मिट्टी चाहिए जिसमें नमी बनी रहे, लेकिन पानी जमा न हो। इसके लिए सामान्य मिट्टी में कोकोपीट और रेत मिलाकर हल्का पॉटिंग मिक्स तैयार किया जा सकता है। जिस गमले में कटिंग लगानी है, उसके नीचे ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए।
गमले में मिट्टी भरने के बाद बीच में छोटा गड्ढा बनाकर कटिंग के निचले हिस्से को उसमें लगाएं। आसपास की मिट्टी को हल्के हाथ से दबाएं और थोड़ी सिंचाई करें।
पानी का रखें ध्यान
कटिंग लगाने के बाद सबसे बड़ी गलती जरूरत से ज्यादा पानी देना हो सकती है। मिट्टी नम रखें, लेकिन उसमें पानी लगातार जमा न रहने दें। ज्यादा नमी की वजह से कटिंग के सड़ने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए मिट्टी की ऊपरी सतह सूखने लगे तभी जरूरत के अनुसार पानी दें।
तेज धूप से बचाएं
नई कटिंग को शुरुआत में तेज सीधी धूप में रखने के बजाय ऐसी जगह रखें जहां अच्छी रोशनी आती हो, लेकिन दोपहर की तेज धूप सीधे न पड़ती हो। नमी बनाए रखने के लिए गमले के ऊपर पारदर्शी प्लास्टिक कवर लगाया जा सकता है, लेकिन हवा के लिए थोड़ी जगह जरूर रखें।
नई पत्तियों पर न जाएं
कुछ समय बाद कटिंग पर नई पत्तियां या नई बढ़त दिखाई दे सकती है। यह सकारात्मक संकेत है, लेकिन सिर्फ नई पत्तियां निकलने का मतलब यह नहीं कि जड़ें पूरी तरह विकसित हो चुकी हैं। इसलिए कटिंग को बार-बार निकालकर जड़ें जांचने से बचें।
जब जड़ें अच्छी तरह विकसित हो जाएं, तभी पौधे को सावधानी से बड़े गमले में ट्रांसफर करें। शुरुआती समय में ज्यादा खाद देने के बजाय सही नमी, जल निकासी और रोशनी पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।






