Recipe: उपवास के दौरान अगर हर बार साबूदाना खिचड़ी या वही पारंपरिक फलाहारी चीजें खाकर मन भर गया है, तो इस बार कुछ अलग ट्राई किया जा सकता है। फराली डोसा स्वाद और टेक्सचर दोनों के मामले में काफी अलग है। खास बात यह है कि इसके लिए साबूदाने को रातभर या कई घंटे पानी में भिगोकर रखने की जरूरत नहीं पड़ती।
पहले तैयार करें फराली आलू मसाला
डोसे के अंदर भरने के लिए सबसे पहले मसाला तैयार कर लें। पैन में थोड़ा तेल गर्म करके जीरा, अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट और कढ़ी पत्ता डालें। इनके चटकने के बाद इसमें मूंगफली और थोड़ी हल्दी डालकर मिलाएं। अब उबले हुए आलू छोटे टुकड़ों में डालें और सेंधा नमक के साथ अच्छी तरह भूनें। करीब दो मिनट बाद हरा धनिया मिलाकर गैस बंद कर दें। यह मसाला डोसे को अच्छा स्वाद और हल्का क्रंच देगा।
साबूदाने को ऐसे करें तैयार
अब बारी है डोसे के बैटर की। एक पैन में साबूदाना डालकर धीमी आंच पर कुछ देर सूखा भूनें। इसे लगातार चलाते रहें, ताकि साबूदाना जले नहीं। हल्का भुनने के बाद इसे ठंडा होने दें। इस प्रक्रिया से साबूदाना आसानी से पीसने लायक हो जाता है और आपको लंबे समय तक भिगोने की जरूरत नहीं रहती।
झटपट तैयार होगा बैटर
मिक्सर जार में सामा के चावल, भुना हुआ साबूदाना, उबला आलू, अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट और सेंधा नमक डालें। इसमें जरूरत के हिसाब से पानी डालकर एकदम बारीक पीस लें। आलू बैटर को बांधने में मदद करता है, जिससे डोसा तवे पर फैलाते समय आसानी से टूटता नहीं है। अब बैटर को एक बाउल में निकालकर इसमें जीरा, कुटी काली मिर्च और बारीक कटा कढ़ी पत्ता मिला दें। इसे अलग से फर्मेंट या रेस्ट कराने की जरूरत नहीं है।
गरम तवे पर बनाएं क्रिस्पी डोसा
डोसा तवा अच्छी तरह गर्म करें और बैटर को पतला फैलाएं। किनारों और ऊपर हल्का तेल या घी डालें। मध्यम से तेज आंच पर इसे तब तक सेंकें, जब तक नीचे का हिस्सा सुनहरा और कुरकुरा न हो जाए। जब किनारे तवे से आसानी से अलग होने लगें, तो डोसे को प्लेट में निकाल लें।
आलू मसाले के साथ करें सर्व
गरमा-गरम फराली डोसे को तैयार आलू मसाले के साथ परोसें। बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम यह डोसा व्रत के खाने में अच्छा बदलाव ला सकता है।






