CG News: गौरी शंकर गुप्ता\घरघोड़ा। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय रायकेरा में स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत “स्वच्छता ही सेवा” अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत विद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) स्वयंसेवकों, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और ग्राम मितानिनों ने स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर की साफ-सफाई से हुई। विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने परिसर में श्रमदान कर आसपास की गंदगी को हटाया। इसके बाद सभी ने स्वच्छता शपथ लेकर विद्यालय, घर और आसपास के वातावरण को साफ रखने का संकल्प लिया।
गांव में निकली स्वच्छता जागरूकता रैली
स्वच्छता अभियान के बाद विद्यालय परिसर से जागरूकता रैली निकाली गई। रैली रायकेरा बस्ती पहुंची, जहां विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों को भी स्वच्छता की शपथ दिलाई गई और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने की अपील की गई।
NSS स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गीले कचरे को हरे कंटेनर और सूखे कचरे को नीले कंटेनर में डालने से कचरे का उचित प्रबंधन करने में मदद मिलती है।
‘स्वच्छता की शुरुआत स्वयं से’ का दिया संदेश
रैली के दौरान स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की शुरुआत स्वयं से, परिवार से, मोहल्ले से और गांव से होती है। लोगों से अपील की गई कि वे न खुद गंदगी करें और न ही दूसरों को सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी करने दें।
रैली के दौरान “स्वच्छता ही सेवा है—स्वच्छ भारत हमारा संकल्प है”, “न गंदगी करेंगे, न करने देंगे—स्वच्छ रायकेरा बनाकर रहेंगे”, “गीला कचरा हरे में डालें, सूखा कचरा नीले में डालें” और “स्वच्छ गांव—सुंदर गांव, यही हमारी पहचान” जैसे नारों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
शिक्षकों और स्वयंसेवकों का रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम विद्यालय के प्राचार्य एस.के. करण के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी रामकुमार पटेल के नेतृत्व में आयोजित किया गया। स्वच्छता रैली को सफल बनाने में लोचन प्रसाद पटेल, अलमा सोरेंग, दिव्या माधुरी तिग्गा, खेम सिंह राठिया, तनुजा यादव, दिनेश्वर प्रसाद कुर्रे, रीमा गुप्ता और ललित सिदार का विशेष योगदान रहा।कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा स्वच्छ रायकेरा और स्वस्थ रायकेरा के निर्माण में सामूहिक भागीदारी का संदेश दिया गया।






